Darbhanga Flood Update: नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर झील फटने के बाद नदियों के तेज प्रवाह और संभावित बाढ़ की आशंका के बीच दरभंगा जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है. अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर ने बताया कि झील फटने का प्रभाव गंडक नदी से जुड़े चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और वैशाली के कुछ हिस्सों में पड़ सकता है. हालांकि, दरभंगा जिला इससे पूरी तरह अछूता है.
Nepal Glacier Lake Outburst: नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे, केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट पर नजर
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष अमन के साथ फेसबुक लाइव में एडीएम ने बताया कि जिले में जून से अक्तूबर तक नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाती है. केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट पर प्रतिदिन नजर रखी जा रही है. बागमती और अधवारा समूह की नदियों समेत विभिन्न स्थानों पर जलस्तर फिलहाल सामान्य है और सभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं.
11 तटबंधों की 24 घंटे निगरानी, रात में भी हो रही पेट्रोलिंग
बाढ़ नियंत्रण को लेकर जल संसाधन विभाग की पांच इकाइयां जिले में कार्यरत हैं. विभाग द्वारा 11 प्रमुख तटबंधों की दिन और रात में पेट्रोलिंग कराकर सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में सैंड बैग और जियोबैग उपलब्ध रखे गए हैं. इसके अलावा स्लुइस गेटों का रखरखाव और पुल-पुलियों के वेंट की सफाई कराई जा रही है.
एसडीआरएफ की टीम तैनात, 190 निजी नावों का हुआ निबंधन
जिले में मनीगाछी के पैठान कवई में 28 से 30 सदस्यों वाली एसडीआरएफ की टीम तैनात है, जबकि जरूरत पड़ने पर राज्य स्तर से एनडीआरएफ की टीम भी उपलब्ध कराई जाएगी. आपात स्थिति के लिए करीब 190 निजी नावों का निबंधन किया गया है. फिलहाल तीन-चार प्रभावित प्रखंडों में आवश्यकतानुसार नावों का परिचालन किया जा रहा है.
सामान्य से 53 फीसदी कम बारिश, अफवाहों पर न दें ध्यान
एडीएम ने बताया कि दरभंगा में इस साल सामान्य वर्षापात की तुलना में करीब 53 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. प्रशासन स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है. उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने, घबराने के बजाय सतर्क रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
