दरभंगा से अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Darbhanga DMCH: दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) से लगातार मरीजों को दूसरे जिलों में रेफर किए जाने के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. सरकार ने अस्पतालों को व्यवस्था सुधारने के लिए 15 अगस्त तक का समय दिया है. इसके बाद गंभीर स्थिति को छोड़कर सामान्य मरीजों को बाहर रेफर किए जाने पर संबंधित चिकित्सक और अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही तय की जाएगी.
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पांच माह में 530 मरीज हुए रेफर, मार्च में सबसे अधिक मामले
डीएमसीएच से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के शुरुआती पांच महीनों में कुल 530 मरीजों को दूसरे जिलों के अस्पतालों में रेफर किया गया. इनमें जनवरी में 91, फरवरी में 112, मार्च में 133, अप्रैल में 96 और मई में 98 मरीज शामिल हैं. मार्च महीने में सबसे अधिक रेफरल दर्ज किया गया.
स्वास्थ्य विभाग करेगा रेफरल की नियमित मॉनिटरिंग
स्वास्थ्य विभाग अब सभी रेफरल मामलों की नियमित निगरानी करेगा. यह देखा जाएगा कि मरीज को किन परिस्थितियों में रेफर किया गया, अस्पताल में इलाज की सुविधा उपलब्ध थी या नहीं और कहीं मरीज को अनावश्यक रूप से तो बाहर नहीं भेजा गया.
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गंभीर मरीजों को ही किया जाएगा रेफर
विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं मरीजों को रेफर किया जाए, जिन्हें उच्च स्तरीय इलाज, विशेष सर्जरी या ऐसी चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता हो जो डीएमसीएच में उपलब्ध नहीं है. सामान्य इलाज, जांच या उपलब्ध सुविधाओं वाले मामलों में मरीजों को बाहर भेजना स्वीकार नहीं किया जाएगा.
इमरजेंसी व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती
डीएमसीएच में लंबे समय से मरीजों और परिजनों की ओर से रेफरल व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं. कई बार आरोप लगा कि इमरजेंसी में समय पर जांच और इलाज नहीं मिलने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ा. स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद अब अस्पताल प्रशासन को इमरजेंसी सेवाएं, जांच व्यवस्था, चिकित्सकों की उपलब्धता और विभागवार इलाज प्रणाली को मजबूत करना होगा. 15 अगस्त के बाद रेफरल मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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