Darbhanga AQI update:दरभंगा लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने दरभंगा की आबो-हवा को काफी हद तक साफ कर दिया है. बीते कई दिनों से भीषण उमस और प्रदूषण की मार झेल रहे शहरवासियों को अब स्वच्छ हवा में बड़ी राहत मिलने लगी है. मौसम में आए इस बदलाव से वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है और यह 90 से नीचे पहुंच गया है. मौसम के मौजूदा रुख को देखते हुए अगले सप्ताह तक शहर की हवा इसी संतोषजनक श्रेणी में बने रहने की संभावना जताई गई है.
गुरुवार को 81 दर्ज किया गया एक्यूआई, जानें पूरे सप्ताह का अनुमान
मौसम विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुवार को दरभंगा का एक्यूआई 81 दर्ज किया गया, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में आता है. वहीं आगामी दिनों के अनुमानित आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- शुक्रवार: 91
- शनिवार: 99
- रविवार: 89
- सोमवार: 96
- मंगलवार: 89
- बुधवार: 89 रहने का अनुमान है.
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से वातावरण में मौजूद धूलकण और अन्य बारीक प्रदूषक तत्व जमीन पर बैठ गए हैं. वहीं, तेज हवा चलने के कारण प्रदूषित कणों का एक जगह जमाव नहीं हो पा रहा है. यही वजह है कि शहर के प्रदूषण स्तर में लगातार गिरावट आ रही है.
32 से 37 डिग्री के बीच रहेगा तापमान, मंगलवार को भारी बारिश के आसार
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले सात दिनों में दरभंगा का अधिकतम तापमान 32 से 37 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है. इस दौरान हवा की रफ्तार 20 से 31 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की उम्मीद है, जबकि हवा में नमी (आर्द्रता) 53 से 74 प्रतिशत तक बनी रहेगी. विशेष रूप से मंगलवार को 90 प्रतिशत तक बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे वायु गुणवत्ता में और भी अधिक सुधार होने की उम्मीद है.
बच्चों और दमा रोगियों के लिए बड़ी राहत
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जब एक्यूआई 100 से कम रहता है, तो हवा सामान्य लोगों के लिए काफी सुरक्षित और बेहतर मानी जाती है. इससे बच्चों, बुजुर्गों, दमा (अस्थमा) और श्वसन संबंधी अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सांस लेने में बहुत राहत मिलती है. यदि बारिश का यह दौर आगे भी जारी रहा और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर कड़ाई से रोक लगी रही, तो आने वाले दिनों में दरभंगा की हवा और अधिक शुद्ध हो सकती है.
इन मुख्य कारणों से बिगड़ती है शहर की हवा
विशेषज्ञों के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण मुख्य रूप से वाहनों से निकलने वाले धुएं, ईंट-भट्ठों व छोटे उद्योगों के उत्सर्जन, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, जर्जर सड़कों, डीजल जनरेटरों के इस्तेमाल तथा खुले में कचरा व पराली जलाने से फैलता है. शुष्क और गर्म मौसम में ये प्रदूषक कण हवा में ही तैरते रहते हैं, जिससे स्मॉग और प्रदूषण बढ़ता है. वहीं, बारिश होने पर ये सभी प्रदूषक पानी के साथ मिलकर नीचे आ जाते हैं और हवा पूरी तरह साफ हो जाती है.
