बिहार के इस प्रखंड को सूखा क्षेत्र घोषित करने की मांग, किसान सभा ने उठाए कई बड़े मुद्दे

अटहर उत्तरी पंचायत में किसान सभा के सम्मेलन में किसानों और भूमिहीनों से जुड़े कई मुद्दे उठे. संगठन ने 10 डिसमिल वास भूमि, एक एकड़ खेती योग्य जमीन, सिंचाई सुविधा और कर्ज माफी की मांग सरकार के सामने रखी.

दरभंगा न्यूज: अटहर उत्तरी पंचायत में किसान सभा से संबद्ध पंचायत किसान काउंसिल का स्थापना सम्मेलन शुक्रवार को आयोजित किया गया. सम्मेलन में किसानों और भूमिहीनों से जुड़े कई मुद्दे प्रमुखता से उठे. वक्ताओं ने सरकार से पर्चाधारियों की बेदखली पर रोक लगाने, भूमिहीन परिवारों को आवास और खेती के लिए जमीन देने तथा क्षेत्र में बढ़ते जल संकट का स्थायी समाधान करने की मांग की.

भूमिहीनों को जमीन देने की मांग

सम्मेलन में भूमिहीनों को 10 डिसमिल वास की जमीन और एक एकड़ खेती योग्य जमीन उपलब्ध कराने की मांग रखी गयी. वक्ताओं ने कहा कि भूमिहीन परिवारों को स्थायी आवास और आजीविका के लिए जमीन मिलना जरूरी है. साथ ही पर्चाधारियों को उनकी जमीन से बेदखल किए जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गयी.

बंद स्टेट बोरिंग चालू कराने की मांग

किसानों ने क्षेत्र में बढ़ते जल संकट का मुद्दा भी उठाया. सम्मेलन में बंद पड़े स्टेट बोरिंग को फिर से चालू कराने और किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गयी. वक्ताओं ने कहा कि पानी की समस्या का सीधा असर खेती और किसानों की आय पर पड़ रहा है.

कर्ज माफी और सूखा क्षेत्र घोषित करने की मांग

किसान सभा ने किसानों के कर्ज माफ करने तथा बहेड़ी प्रखंड को सूखा क्षेत्र घोषित करने की मांग भी उठायी. किसानों का कहना है कि बारिश की कमी और सिंचाई की सीमित व्यवस्था के कारण खेती प्रभावित हो रही है. ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाना चाहिए.

मोदी सरकार पर लगाया खेती विरोधी नीतियों का आरोप

सम्मेलन में राज्य किसान सभा के संयुक्त सचिव श्याम भारती ने केंद्र सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार खेती पर लगातार हमला कर रही है. उनके अनुसार, बिहार में बची हुई खेती को भी कॉरपोरेट के हवाले करने की कोशिश की जा रही है और राज्य में कंपनी राज लाने की दिशा में काम हो रहा है.

सम्मेलन की अध्यक्षता पंचायत अध्यक्ष रामसेवक पासवान ने की. इस दौरान किसान सभा से जुड़े कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं और संगठन को मजबूत करने को लेकर अपने विचार रखे.

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By Prabhat khabar news desk

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