Darbhanga health department: दरभंगा जिला अंतर्गत जाले प्रखंड की देउरा-बंधौली पंचायत के बघौल गांव में सरकारी राशि की बर्बादी और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. यहां करीब 75 लाख रुपये की लागत से बने नए उप स्वास्थ्य केंद्र (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) की इमारत उद्घाटन से पहले ही जर्जर होने लगी है.
दीवारों में दरारें और झड़ता प्लास्टर खोल रहा पोल
बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड की ओर से निर्मित इस भवन की दीवारों में जगह-जगह लंबी व पतली दरारें उभर आई हैं. प्लास्टर अभी से झड़ने लगा है. ग्रामीणों के अनुसार, भवन का निर्माण वर्ष 2022 में ही पूरा हो गया था. चार साल बीतने के बाद भी इसका उद्घाटन नहीं हो सका है और अब इस्तेमाल से पहले ही यह खंडहर में तब्दील होने की राह पर है.
विभाग का अजीब तर्क: नहीं हुआ है हैंडओवर
मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों ने जाले के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अवगत कराया है. हालांकि, विभाग का तर्क है कि संवेदक (ठेकेदार) द्वारा अब तक भवन को विभाग को हस्तांतरित (हैंडओवर) नहीं किया गया है, जिसके कारण वे कोई सीधी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं.
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश
जिला परिषद सदस्य फरहत हैदर ने इस मुद्दे को जिला परिषद की बैठक में भी उठाया है. स्थानीय समाजसेवी जुल करनैन, अब्दुल माबूद, सनाउल्लाह असरफ और खादिम हुसैन सहित अन्य ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जाए. दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर कार्रवाई हो और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत के बाद जल्द से जल्द इस अस्पताल को चालू किया जाए.
