Darbhanga News: बहादुरपुर. सिमरा निहालपुर पंचायत के अकौना स्थित प्राथमिक विद्यालय में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है. विद्यालय में पांच वर्गों में कुल 93 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन परिसर में एक भी चापाकल नहीं है. पानी पीने के लिए बच्चों को विद्यालय परिसर से बाहर जाना पड़ता है. शिक्षक अमलेश कुमार के अनुसार पेयजल की सुविधा नहीं होने से बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
93 बच्चों के स्कूल में एक भी चापाकल नहीं
अकौना प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पेयजल की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है. विद्यालय प्रबंधन के अनुसार परिसर में चापाकल नहीं होने के कारण बच्चों को पानी पीने के लिए बाहर जाना पड़ता है. इससे पढ़ाई के दौरान बच्चों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है.
आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों पर भी पड़ रहा असर
विद्यालय परिसर में ही आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन होता है. यहां छोटे-छोटे बच्चे आते हैं. विद्यालय परिसर में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने का असर आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले बच्चों पर भी पड़ रहा है.
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि विद्यालय और आंगनबाड़ी दोनों के लिए परिसर में ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होना जरूरी है.
मध्याह्न भोजन की व्यवस्था भी प्रभावित
विद्यालय में पानी की समस्या का असर मध्याह्न भोजन योजना पर भी पड़ रहा है. पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यालय परिसर में मध्याह्न भोजन तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा है. इसके चलते भोजन बाहर तैयार कर विद्यालय में पहुंचाया जाता है.
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यदि परिसर में पेयजल की स्थायी व्यवस्था हो जाए तो मध्याह्न भोजन तैयार करने में भी सुविधा होगी.
कई बार पत्राचार के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
पेयजल समस्या को लेकर विद्यालय प्रबंधन की ओर से संबंधित विभाग और अधिकारियों को कई बार पत्राचार किया जा चुका है. प्रधान शिक्षक की ओर से भेजे गए पत्र में भी विद्यालय परिसर में पेयजल व्यवस्था नहीं होने की जानकारी देते हुए समस्या के समाधान की मांग की गई है.
इसके बावजूद अब तक विद्यालय में चापाकल लगाने या पेयजल की कोई स्थायी व्यवस्था करने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
गरीब परिवारों के बच्चों को हो रही अधिक परेशानी
विद्यालय में नामांकित अधिकांश बच्चे गरीब परिवारों से आते हैं. ऐसे में विद्यालय में बुनियादी पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं होने से बच्चों की परेशानी और बढ़ जाती है. शिक्षक अमलेश कुमार ने भी पेयजल की समस्या के जल्द समाधान की आवश्यकता बताई.
विद्यालय परिवार और स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से परिसर में चापाकल लगाने या अन्य माध्यम से स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है.
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