Darbhanga News: दरभंगा. बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना के सौजन्य से लनामिवि के रेड रिबन क्लब ने एचआइवी/एड्स जागरूकता अभियान के तहत बाजितपुर मध्य विद्यालय में छात्र-छात्राओं के बीच कई कार्यक्रम आयोजित किए. प्रधानाध्यापक सूर्यकांत ने अध्यक्षता करते हुये कहा कि आज भी एड्स का नाम सुनते ही भय का वातावरण बन जाता है. एड्स मानव सभ्यता के लिए एक गंभीर चुनौती है. यह केवल एक स्वास्थ्य समस्या ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं नैतिक चुनौती भी बन है.
एड्स का शारीरिक के साथ मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव- डॉ चौरसियाकार्यक्रम के संयोजक डॉ आरएन चौरसिया ने कहा कि एड्स का प्रभाव केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी पड़ता है. एड्स संक्रमित व्यक्ति को समाज में बहिष्कार एवं तिरस्कार का सामना करना पड़ता है. इससे उनमें अपराध बोध, निराशा, तनाव तथा आत्मघाती प्रवृत्तियां पनपती है. डॉ प्रेम कुमारी ने कहा कि एड्स का इलाज महंगा होता है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ जाती है. यद्यपि एड्स का कोई स्थाई इलाज नहीं है. विवेक भारती ने भी विचार रखा. कार्यक्रम में नेसार अहमद, भगवान ठाकुर, बदरुद्दोजा, अभिमन्यु कुमार, फरहाना नाजुम, शगुफ्ता बानो, मीना कुमारी, उषा सिन्हा, राधा मणि देवी, मंजू कुमारी, पुष्पा पासवान तथा राजरानी देवी आदि मौजूद थे.क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता में 35 छात्र-छात्राएं सफल
क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता में 110 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. सफल 35 छात्र- छात्राओं को छह पुस्तकों का सेट प्रदान दिया गया. सफल छात्र-छात्राओं में सोनाक्षी, मेनका, सादिया, तनुजा, इंद्रमणि, नताशा, साबरीन, आस्था, अंजलि, आंचल, राजनंदनी, कोमल, महिमा, पलक, आस्था, इकरा, नेहा, फरहीन एवं दिव्यांशु, इंद्रमणि, आदर्श, मो. सालिक, समीर, रिक्की, करण, अभिषेक, रणवीर, प्रेमराज, शिवम, दिलखुश, बोस, किशन, प्रभेश, आदित्य तथा सुमित कुमार शामिल रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
