लो वोल्टेज और ट्रिपिंग: नगर पंचायत कमतौल-अहियारी भले ही कागज पर शहरी क्षेत्र बन चुका है, लेकिन अहियारी के लोगों को अब भी ग्रामीण इलाके वाली बिजली व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है. अलग बिजली फीडर नहीं होने के कारण हजारों उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और बार-बार बिजली ट्रिप होने की समस्या झेलनी पड़ रही है. बुधवार को नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में वार्ड 11 के पार्षद अभिषेक कुमार ने इस मुद्दे को लिखित रूप से उठाया.
कमतौल के लिए बना फीडर, अहियारी अब भी वंचित
पार्षद अभिषेक कुमार ने कहा कि पूर्व में ग्रामीण क्षेत्र रहे अहियारी राजस्व ग्राम को शामिल कर नगर पंचायत कमतौल-अहियारी का गठन किया गया है. कमतौल के लिए अलग विद्युत फीडर का निर्माण हो चुका है, लेकिन अहियारी के लिए अब तक अलग फीडर की व्यवस्था नहीं की गयी है.
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र घोषित होने के बावजूद अहियारी के लोग वर्षों पुरानी ग्रामीण विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर हैं. इससे बिजली की मांग बढ़ने पर लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है.
विकास कार्यों पर भी पड़ रहा असर
पार्षद ने कहा कि लगातार बिजली की समस्या से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ नगर क्षेत्र के विकास पर भी असर पड़ रहा है. शहरी क्षेत्र के अनुरूप बेहतर बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराना जरूरी है. अलग फीडर बनने से बिजली आपूर्ति में सुधार होने और ट्रिपिंग की समस्या कम होने की उम्मीद है.
उन्होंने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी प्रिंसी कुमारी से जनहित में अहियारी के लिए जल्द अलग बिजली फीडर का निर्माण कराने और इससे विद्युत आपूर्ति शुरू कराने का आग्रह किया.
बोर्ड बैठक में हंगामे को लेकर भी विवाद
बताया जाता है कि अहियारी के लिए अलग विद्युत फीडर के मुद्दे पर चर्चा के दौरान बोर्ड बैठक में हंगामा भी हुआ. इसी दौरान कथित धमकी को लेकर विवाद शुरू हो गया. हालांकि, बैठक में बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्या को लेकर पार्षद की ओर से अलग फीडर की मांग प्रमुखता से रखी गयी.
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