Aaj Ka Darshan: दरभंगा के ऐतिहासिक माधवेश्वर परिसर स्थित प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर में शनिवार, 16 मई को वट सावित्री पर्व के अवसर पर आस्था का अलौकिक नजारा देखने को मिला. अखंड सौभाग्य की कामना के इस महापर्व पर माता श्यामा के दर्शन और पूजन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पूरा मंदिर परिसर माता के जयकारों और ‘जय मां श्यामा’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा.
अहले सुबह भस्म आरती से शुरुआत
श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्व की महत्ता को देखते हुए मंदिर में सुबह से ही विशेष इंतजाम किए गए थे:
- भस्म आरती: अहले सुबह ठीक 4:00 बजे मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित शरद कुमार झा द्वारा शक्ति की अधिष्ठात्री देवी भगवती श्यामा की भव्य भस्म आरती की गई.
- भक्तों की कतार: आरती संपन्न होते ही मंदिर के पट आम भक्तों के लिए खोल दिए गए. सुबह से ही पुरुषों की तुलना में सुहागिन महिलाओं की खासी भीड़ देखने को मिली, जिन्होंने कतारबद्ध होकर माता रानी के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की. कई श्रद्धालुओं ने पुरोहितों के सानिध्य में विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना भी संपन्न कराई.
दोपहर और रात की आरती का समय (दर्शन शेड्यूल)
मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और माता के विश्राम को देखते हुए आज का समय निर्धारित किया है:
- दोपहर का विश्राम: दोपहर करीब 01:30 बजे भोग और आरती के बाद मंदिर के गर्भगृह को बंद कर दिया जाएगा.
- शाम का पट: दोपहर के विश्राम के बाद शाम 03:00 बजे भक्तों के लिए दोबारा माता का पट खोल दिया जाएगा, जिसके बाद देर रात तक दर्शन का सिलसिला जारी रहेगा.
- रात्रि की प्रधान आरती: रात 11:00 बजे के बाद प्रधान पुजारी पंडित शरद कुमार झा के नेतृत्व में माता की विशेष महाआरती की जाएगी. इस महाआरती में भी हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है. आरती संपन्न होने के बाद गर्भगृह के पट रात के लिए बंद कर दिए जाएंगे.
