दरभंगा : रहमगंज मुहल्ला के संजय कुमार गुप्ता के घर शादी समारोह में सीवान से आये रिश्तेदार सीवान के स्वर्ण आभूषण व्यवसायी विनोद कुमार के पुत्र अमन की हरिद्वार से बरामदगी के बाद कथित अपहरण पर से पर्दा उठ गया है. पुलिस के समक्ष उसने बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था. वह स्वयं भागकर दिल्ली व हरिद्वार चला गया था. भागने के बाद उसने अपने पिता के मोबाइल पर एसएमएस कर खुद के अपहरण होने की बात बतायी थी. वहीं उसने खुद अपने पिता से फिरोती के रूप में 13 लाख रुपये की मांग की थी.
अपहरण की साजिश रच पिता से मांगी फिरौती
दरभंगा : रहमगंज मुहल्ला के संजय कुमार गुप्ता के घर शादी समारोह में सीवान से आये रिश्तेदार सीवान के स्वर्ण आभूषण व्यवसायी विनोद कुमार के पुत्र अमन की हरिद्वार से बरामदगी के बाद कथित अपहरण पर से पर्दा उठ गया है. पुलिस के समक्ष उसने बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था. वह स्वयं भागकर […]

उसने बताया कि मैट्रिक की परीक्षा में पिछली बार फेल होने और पुन: मैट्रिक की परीक्षा शुरू होने के कारण उसने भागने की योजना बनायी थी. इधर अमन के अचानक 22 फरवरी की रात गायब होने के बाद उसके परिजन परेशान थे. इसी बीच 23 फरवरी की सुबह अमन के पिता के मोबाइल पर जब फिरौती के रूप में तेरह लाख रुपये की डिमांड की गई. तब परिजनों के होश उड़ गए थे. इसको लेकर परिजन एसएसपी से मिलकर आवेदन दिया और फिरौती के लिए मिले एसएमएस की जानकारी दी. पूरा मामला सुनने के बाद एसएसपी सत्यवीर सिंह ने इसे गंभीरता से लिया. उन्होंने तुरंत पुलिस टीम का गठन किया.
टीम में बेंता ओपी अध्यक्ष रूपक कुमार अंबुज और लहेरियासराय थाना के तेज तर्रार एएसआई राकेश कुमार सिंह को अमन की बरामदगी के लिए दिल्ली रवाना किया गया. दोनों पदाधिकारी मोबाइल सर्विलांस के जरिए दिल्ली के अलावा छत्तीसगढ़, हरियाणा व उत्तराखंड में छापेमारी की. इस दौरान मंगलवार को हरिद्वार से अमन को बरामद कर लिया गया. बताया जाता है कि भागने के बाद वह अपनी प्रेमिका से मिलने दिल्ली चला गया था.
एसएसएम कर मांगे रुपये : एएसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि रिश्तेदार के घर से भागने के अगले ही दिन अमन ने अपने पिता के मोबाइल पर एसएमएस किया था कि 12 बजे रात में दरभंगा टाबर पर एक काले रंग के कपरे पहने युवक को तेरह लाख रुपये दे देना. यह रुपये संजय गुप्ता लेकर आएंगे. रुपया मिलने के बाद तेरा बेटा मिल जाएगा. एसएमएस में उसने पुलिस को सूचना देने से मना किया था. अमन के पिता द्वारा जानकारी देन के बाद एसएसपी ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिये. वैज्ञानिक तरीके से किये गये अनुसंधान के तहत दो पुलिस पदाधिकारियों को दिल्ली रवाना किया गया. इस क्रम में हरिद्वार से उसे बरामद किया गया.