थाने का बोझ हल्का करने में सक्षम नहीं हो रही ग्राम कचहरी

दरभंगा : पंचायत में ही छोटे-छोटे मामले के निष्पादन के लिए ग्राम कचहरी को सक्रिय किये जाने का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सरकारी लापरवाही के कारण पंचायतो में 79 न्यायमित्र तथा 64 सचिवों का पद खाली है. इस कारण संबंधित पंचायत में न्याय प्रक्रिया लगभग बंद ही है. जिन पंचायतो में सचिव तथा […]

दरभंगा : पंचायत में ही छोटे-छोटे मामले के निष्पादन के लिए ग्राम कचहरी को सक्रिय किये जाने का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सरकारी लापरवाही के कारण पंचायतो में 79 न्यायमित्र तथा 64 सचिवों का पद खाली है. इस कारण संबंधित पंचायत में न्याय प्रक्रिया लगभग बंद ही है. जिन पंचायतो में सचिव तथा न्यायमित्र हैं भी उन्हें विगत 23 माह से मानदेय नहीं मिल रहा. इस कारण उनकी अभिरूचि न्याय प्रक्रिया संचालन में कम होती जा रही है.

संबंधित कर्मी जीविकोपार्जन के लिए अन्य काम भी करने लगे हैं. जिले में 324 पंचायत है. लगभग इन सभी में ग्राम कचहरी अस्तित्व में है. वैसे अधिकांश जगहों पर ग्राम कचहरी के लिए भवन नहीं है. मामला आने पर सरपंच के दरबाजे पर ही कचहरी संचालन की खानापूरी कर ली जाती है. कचहरी में न्यायमित्र तथा सचिवों की लगातार उपस्थिति नहीं होने के कारण धीरे-धीरे इस व्यवस्था से ग्रामीणों का मोहभंग होने लगा है.

जिले की पंचायतों में 79 न्यायमित्र व 64 सचिव
के पद हैं खाली
ग्राम कचहरी की उपयोगिता पर लगा प्रश्नचिह्न
कर्मियों को दो साल से नहीं मिल रहा वेतन
छोटे-मोटे मामले भी
पहुंच रहे थाने
कहां-कहां हैं कितने पद खाली
प्रखंड सचिव न्यायमित्र
जाले 07 07
सिंहवाड़ा 06 06
केवटी 06 05
सद 05 03
बहादुरपुर 02 09
हायाघाट 05 05
हनुमाननगर 04 03
मनीगाछी 05 06
तारडीह 01 03
प्रखंड सचिव न्यायमित्र
बहेड़ी 02 05
बेनीपुर 01 05
गौड़ा बौराम 03 05
अलीनगर 04 03
बिरौल 02 05
घनश्यामपुर 05 02
कुशेश्वरस्थान 05 02
कुशेश्वरस्थान पूर्वी 01 01
किरतपुर 00 04
थाने पहुंचनेवालों की संख्या में कमी नहीं
ग्राम कचहरी का संचालन बेहतर तरीके से नहीं होने के कारण लोग न्याय की आस में थाना तथा न्यायालय की शरण में जाते हैं. छोटे-छोटे मामले का जहां आसानी से ग्राम कचहरी में निष्पादन हो सकता था उसे लेकर लोगों को थाना का चक्कर लगाना पड़ रहा है. इसमें समय, श्रम के साथ-साथ पैसे का व्यय लोगों को करना पड़ता है. विशेषकर दबे-कुचले लोग आज भी न्याय की तलाश में दर-दर की ठोकर खा रहे हैं. इनमें इतनी क्षमता नहीं कि न्यायालय में वकीलो की फीस भर सके.
खाली पदों को चिह्नित कर प्रदेश मुख्यालय भेज दिया गया है. वहां से रिक्ति सूची का अनुमोदन मिलने के बाद जगहों को भरने के लिए प्रक्रिया पूरी की जायेगी.
शत्रुघ्न कामति, जिला पंचायती राज पदाधिकारी

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