अिभयान. शराबबंदी के समर्थन में मिलाया हाथ से हाथ
नशामुिक्त के िखलाफ एकजुट हुए लोग
लहेरियासराय लोहिया चौक पर मानव शृंखला बनाते मंत्री महेश्वर हजारी, प्रधान सचिव जेएस गंगवार, पूर्व विधान पार्षद विनोद कुमार चौधरी, डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह, एसएसपी मीनू कुमारी, जदयू जिलाध्यक्ष सुनील भारती व गायत्री परिवार की महिलाएं
दरभंगा : दिन शनिवार. सड़कों पर इक्के-दुक्के वाहन. सड़क पर बच्चे, बूढ़े, युवा, महिला और सबसे ज्यादा छात्र-छात्रा पांव-पैदल दौड़ लगा रहे थे. सबको अपने गंतव्य तक पहुंचने की जल्दीबाजी थी. आयोजन था मद्य निषेद्य अभियान के समर्थन के लिए जिले में 342 किलोमीटर लंबे मानव शृंखला निर्माण का. इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने में कोई किसी से पीछे नहीं रहना चाह रहे थे. हुआ भी यही. जहां दोपहर 12.15 से एक बजे तक शृंखलाबद्ध होना था, वहीं सड़क पर अपनी जगह लेकर शृंखला में शामिल होने के लिए लोग सुबह 10 बजे से ही शृंखलाबद्ध होने लगे. इसमें महिलाओं की भागीदारी पुरूषों पर भारी पड़ी.
स्कूली बच्चे भी मानव शृंखला में शामिल होने के लिए स्कूल पहुंचने के बाद से ही जल्द से जल्द सड़क पर खड़े होने को लालायित दिखे. शिक्षकों के रोकने के बाद भी छात्र-छत्राओं के उत्साह को देखते हुए समय से काफी पहले स्कूल से उन्हें निकलना पड़ा. सड़क पर रंग-बिरंगे ड्रेस में बच्चे शृंखलाबद्ध होकर कतारबद्ध होकर नशा के विरोध में नारे लगा रहे थे.
रह-रह कर हाथ छोड़ सड़क पर बैठ रहे थे बच्चे. समय से पहले सड़क पर आ जाने के कारण अधिकांश बच्चे काफी थक गए थे. वे रह-रहकर सड़क पर बैठ जाते थे. शिक्षक व अधिकारी बच्चों को शृंखला में खड़े रहने की हिदायत देते रहे. लेकिन थकावट के कारण बच्चे फिर बैठ जाते थे.
हम सब त नशा मुक्ति त्योहार मनावे पहुंचल छी .एनएच 57 पर रानीपुर के पास कतार में लगी महिला जानकी देवी, सोना देवी, पार्वती देवी, लुखिया देवी अपने गांव की महिलाओं के साथ समय से पहले ही शृंखला में शामिल होने के लिए सड़क पर जगह ले ली थी. बताया कि शृंखला में शामिल होने के लिए एक दिन पहले ही योजना बना ली थी. इसके लिए आज सुबह जल्दी उठना पड़ा. महिलाओं ने बताया कि मानव शृंखला की होय छै हम सब नै जानै छी. हम सब त सरकार के नशा मुक्ति पावन त्योहार में आइल छी.
बहू व पोती के साथ आयी थी लाजवंती. सारामोहनपुर गांव से लाजवंती मानव शृंखला में शामिल होने के लिए अपनी बहू और छह साल की पोती के साथ एनएच 57 पर रानीपुर के पास पहुंची थी. बताया कि मुख्यमंत्री ने शराबबंदी कर उनलोगों की जिंदगी में नई रोशनी दी है.
बताया कि उनके पति की मौत शराब पीने के कारण हो गई. बेटे को भी शराब की लत लग गई थी. इसके कारण उसका हंसता-खेलता घर उजड़ने के कगार पर पहुंच गया था. लेकिन शराबबंदी के बाद उनके घर में फिर से खुशियां लौट आई है.
