मानव शृंखला. बिना भोजन कराये छात्रों को लाइन में कर दिया खड़ा
छात्रों व शिक्षकों ने बीइओ से की लिखित शिकायत
कमतौल : सरकार के दिशा-निर्देश और डीएम के आदेश के बाबजूद शनिवार को मवि बालक कमतौल में एमडीएम का संचालन नहीं होने और बच्चों को मानव शृंखला में शामिल कराने का मामला सामने आया है. हालांकि उत्साहित बच्चे और शिक्षक समय से पहले ही स्कूल पहुंच गए थे. 9.15 बजे तक एमडीएम की व्यवस्था शुरू नहीं की जा सकी थी. आक्रोशित बच्चों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया. बिना भोजन किये मानव शृंखला में शामिल नहीं होने की बात कहने लगे. मशक्कत के बाद माने और मानव शृंखला में शामिल होने के लिए प्रस्थान किये.
कई छात्रों ने बताया कि वे घर से भूखे ही निकले थे. उनलोगों को एमडीएम के बाद मानव शृंखला में शामिल होने की बात बतायी गयी थी. परंतु आज एमडीएम के लिए चूल्हा ही नही जला. इधर रसोइया कौशल्या देवी ने बताया कि हम सभी लोग समय से पहले विद्यालय पहुंच गए थे. सामग्री भी उपलब्ध थी. प्रधानाध्यापक द्वारा कभी हां कभी ना कही जाती रही. टालमटोल में समय बीत गया.
इधर प्रधानाध्यापक सत्यनारायण मिश्र ने बताया कि सभी शिक्षकों की राय से एमडीएम नहीं बनाने तथा बिस्किट देकर बच्चों को मानव श्रृंखला में शामिल करा देने का निर्णय लिया था. परंतु मौके पर मौजूद शिक्षकों ने प्रभारी की बात से इंकार कर दिया. विद्यालय के छात्र कक्षा छह के संजीत कुमार, नीतेश कुमार, कक्षा सात के आशीष कुमार, कक्षा आठ के मो. शाहिद अली, बिन्दु राम, शिवराम सहित सौ से अधिक छात्रों और शिक्षक आरिफ हुसैन, कुमारी इंदु, विमल कुमारी, हेमकांत मिश्र, रवीन्द्र ठाकुर सहित आधे दर्जन शिक्षकों द्वारा बीईओ के पास लिखित शिकायत दर्ज करायी है. इसमें रसोइया सहित सारी सामग्री उपलब्ध रहने के बावजूद प्रधानाध्यापक द्वारा मनमानी करने और एमडीएम का संचालन नहीं करने का आरोप है.
कमतौल में शृंखला के दौरान बेहोश बच्चे की जांच करते चिकित्सक सुरेश ठाकुर .
नियोजित शिक्षकों ने लगाया दम: मानव शृंखला को सफल बनाने के लिए नियोजित शिक्षकों ने शनिवार को एड़ी चोटी एक कर दिया. इसी का परिणाम रहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों की मानव श्रृंखला में अच्छी खासी तादाद रही. इसको लेकर विभिन्न शिक्षक संघ का कहना है कि हमने मानव श्रृंखला को बनाया सफल अब मुख्यमंत्री की बारी है. बेगूसराय में मुख्यमंत्री की सातवें वेतनमान का लाभ नियोजित शिक्षकों को देने की घोषणा के कारण उन्होंने तनमन से कार्यक्रम को सफल बनाया है. अब उन्हें आशा है कि समान काम के लिए समान वेतन की घोषणा कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें सम्मान देंगे. ताकि पूरे मनोयोग से शिक्षक गुणवत्ता शिक्षा का सपना को साकार कर सके.
प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शंभु यादव ने आशा जतायी है कि मुख्यमंत्री जल्दी ही उनकी मांग पर ध्यान देंगे. इसी तरह की भावना बिहार पंचायत नगर शिक्षक संघ के सौरभ कुमार सिंह एवं टीइटी-एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के धनंजय कुमार यादव ने व्यक्त किया.
विश्वविद्यालय परिसर में सातवीं की छात्रा अंकित रानी बेहोश होकर गिरने से हो गयी घायल.
