जंकशन पर बनेंगे पर्यावरण अनुकूल तीन नम्मा शौचालय

दरभंगा : समस्तीपुर रेल मंडल के सर्वोच्च दर्जा प्राप्त स्टेशन दरभंगा जंकशन पर नम्मा टॉयलेट बनाया जायेगा. पूर्व मध्य रेल हाजीपुर ने इसे लेकर हरी झंडी दे दी है. पर्यावरण के अनुकूल इस टॉयलेट निर्माण के लिए जंकशन का भी चयन किया गया है. यहां तीन यूनिट टॉयलेट स्थापित किए जायेंगे. यह सूचना सोमवार को […]

दरभंगा : समस्तीपुर रेल मंडल के सर्वोच्च दर्जा प्राप्त स्टेशन दरभंगा जंकशन पर नम्मा टॉयलेट बनाया जायेगा. पूर्व मध्य रेल हाजीपुर ने इसे लेकर हरी झंडी दे दी है. पर्यावरण के अनुकूल इस टॉयलेट निर्माण के लिए जंकशन का भी चयन किया गया है. यहां तीन यूनिट टॉयलेट स्थापित किए जायेंगे. यह सूचना सोमवार को दी गयी. इसकी पुष्टि करते हुए पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी अरविंद कुमार रजक ने बताया कि समस्तीपुर रेल मंडल के चार स्टेशनों पर पहले चक्र में चिह्नित किया गया है. इसमें दरभंगा के अलावा मधुबनी, जयनगर व सीतामढ़ी स्टेशन भी शामिल हैं. दरभंगा जंकशन पर सबसे अधिक तीन यूनिट शौचालय बनाये जायेंगे. शेष तीनों स्टेशनों पर एक-एक यूनिट शौचालय बनेंगे.

इस शौचालय को लेकर कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसेबीलिटीज के तहत समस्तीपुर रेल मंडल व पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के बीच समझौता हो गया है. इसकी पूरी लागत यह कंपनी देगी. रेलवे इसका निर्माण करायेगी. सनद रहे कि दरभंगा जंकशन पर एक मात्र पे एण्ड यूज शौचालय ही संचालित हो रहा है. पहले बाहरी परिसर में एक सुलभ शौचालय था जिसे बंद हुए वर्षों बीत गये. इस वजह से यात्रियों के साथ ही आसपास के होटलकर्मियों को काफी दिक्कत होती है.
साथ ही मजबूरन खुले में शौच से बगल का हराही तालाब प्रदूषित हो रहा है. इस पर्यावरण अनुकूल नम्मा शौचालय के बनने से काफी राहत मिलेगी.
समस्तीपुर रेलमंडल के चार स्टेशनों पर बनेगा नया टॉयलेट
मधुबनी, जयनगर व सीतामढ़ी स्टेशन पर भी होगी व्यवस्था
पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड व रेलवे में समझौता
पर्यावरण अनुकूल नम्मा शौचालय का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह आसानी से कम से कम समय में लगाया जा सके. साथ ही इसमें प्राकृतिक वायु संचालन भी बना रहता है. सोलर पैनल्स का उपयोग तथा पानी की खपत भी कम होती है. यह शौचालय शहर निवासी विशेषकर शहरों में रहने वाले गरीब वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया था. इसकी स्थापना का मूल उद्देश्य खुले में शौचालय पर रोक है. इस प्रकार के शौचालय में सोलर पैनल द्वारा पर्याप्त प्रकाश और मोशन सेंसर लाइटिंग इसकी खास विशेषता हैं. भारत में प्रथम बार तमिलनाडु में इसे लगाया गया था. इसके बाद नई दिल्ली में लगाया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >