मालिक थमा रहे पुराने नोट परदेस से लौट रहे मजदूर

जी का जंजाल बन गये 500 व 1000 के पुराने नोट बाहर जाने से भी कतरा रहे लोग तारडीह : अपना पेट भरने के लिए घर-द्वार, बाल-बच्चे को छोड़ बाहर कमाने गए मजदूर मालिक की मनमानी का शिकार हो रहे हैं. अपनी मजदूरी के एवज में उन्हें पुराने पांच सौ तथा हजार के नोट दिये […]

जी का जंजाल बन गये 500 व 1000 के पुराने नोट

बाहर जाने से भी कतरा रहे लोग
तारडीह : अपना पेट भरने के लिए घर-द्वार, बाल-बच्चे को छोड़ बाहर कमाने गए मजदूर मालिक की मनमानी का शिकार हो रहे हैं. अपनी मजदूरी के एवज में उन्हें पुराने पांच सौ तथा हजार के नोट दिये जा रहे हैं. ये नोट न तो वहां चलते हैं और न गांव आने के बाद गांव में ही इससे काम हो रहा है. बेबस मजदूर परेशान हैं झुंड के झुंड लुधियाना, मेरठ, पंजाब, दिल्ली, मुंबई आदि जगहों से घर वापस आ रहे हैं. सबसे ज्यादा दिक्कत मेरठ तथा भिवंडी में काम कर रहे मजदूरों को हो रही है, जहां मिल मालिक द्वारा पुराने नोट दिये जा रहे हैं. नहीं लेने वाले मजदूरों को कहा जाता है कि ये ही नोट मिलेगा, नहीं लेना हो तो तुम्हारी मर्जी. सहमे मजदूर वही पुराना पैसा ले इन दिनों घर आ रहे हैं.
लोहना रोड स्टेशन पर उतरे मजदूर सिराजुद्दीन, मोहम्मद मुस्तुफा, मोहम्मद मुश्ताक आदि ने बताया कि क्या करते. वही नोट लेकर घर आ गए हैं. रास्ते में यह नोट किसी ने नहीं लिया. भूखा आना पड़ा. यहां आया तो यहां भी पांच सौ तथा हजार के नोट कोई नहीं लेता. इधर, इस समस्या की वजह से बाहर जाने वाले लोग भी बाहर जाना बंद कर दिया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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