दंपती के निर्णय पर बच्चे के नाना ने उठायी उंगली
दरभंगा : अपने ही बच्चे की जान ले लेने या फिर गायब करने का दिलचस्प मामला रविवार को प्रकाश में आया. आरोप जितना दिलचस्प है, उससे कहीं अधिक रोचक इसकी हकीकत निकली. मामला एपीएम था के ब्रह्मोत्रा गांव का है.
जानकारी के अनुसार एक लड़की से उस गांव का ही लड़का प्यार करने लगा. एक साल बीतने के बाद वह लड़की गर्भवती हो गयी. इस खबर के बाद दोनों की शादी करा दी गयी. शादी के पांच माह बाद ही लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया. स्वाभिवक रूप से लड़की शरमाने लगी. समाज में लोग उसे ताने देने लगे. इस कारण लड़की ने अपने पति से कहा कि यह बच्चा हमें नहीं चहिये. उसके पति ने जवाब दिया कि ठीक है. मेरी मौसी को एक भी बच्चा नही है, ये बच्चा उन्हें दे देते हैं. उस बच्चे को दोनों ने मौसी को दे दिया. बात खत्म हो गयी.
इसी बीच लड़की के पिता ब्रह्मोत्रा निवासी गौरी शंकर सहनी ने अपने दामाद पर बच्चा को मार देने अथवा गायब कर देने का आरोप लगाते हुए एसएसपी को आवेदन दिया. एसएसपी ने एसडीपीओ दिलनवाज अहमद को जांच की जिम्मेबारी सौंपी. एसडीपीओ श्री अहमद ने बच्चा को बरामद कर लिया. वही गौरी शंकर की पुत्री उषा एवं दामाद सोनू ने एसडीपीओ से कहा कि उन दोनों ने अपने बच्चे को मौसी को दे दिया है. उन्हें बच्चा नहीं चाहिये. दिल्ली से दो माह का बच्चा लेकर आयी सोनू की मौसी गदगद है कि वह अब मां बन गयी है.
