तीज आज. शिव-पार्वती की होगी पूजा
फलों की खरीदारी करतीं व्रती महिलाएं.
निर्जल रहकर व्रती महिलाएं मांगेंगी पति की लंबी आयु
तीज को ले जमकर खरीदारी
दरभंगा : दाम्पत्य जीवन में आपसी प्रेम, स्नेह व सद्-भाव के लिए यूं तो हर हिन्दू पर्व त्यौहार अपने आप में खासा महत्व रखते हैं. लेकिन, ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि हरितालिका तीज व्रत इन सभी व्रतों में सबसे खास है. इस दिन व्रती महिलाएं निर्जल व्रत रहकर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं. पूरी निष्ठा व आस्था के साथ व्रत के नियमों को पूरा किया जाता है.उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक पंडित दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि हरितालिका तीज व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हस्त नक्षत्र के दिन होता है.
इस वर्ष तृतीया तिथि का मान तीन सितंबर को दोपहर 02:13 से ही लग जायेगा ,जो 4 सितम्बर को दिन में 04:18 तक होगा. इस दिन कुमारी और सौभाग्यवती स्त्रियाँ गौरी-शंकर की पूजा करती हैं. इस व्रत में पूरे दिन निर्जल व्रत किया जाता है और अगले दिन पूजन के पश्चात ही व्रत पारण किया जाता है. इस व्रत से जुड़ी एक मान्यता यह है कि इस व्रत को करने वाली स्त्रियां पार्वती जी के समान ही सुखपूर्वक पतिरमण करके शिवलोक को जाती हैं.
मां पार्वती ने किया था व्रत
पौराणिक मान्यता है कि र्वप्रथम इस व्रत को माता पार्वती ने भगवान शिव शंकर को पतिरूप में प्राप्ति के लिए रखा था. वह निर्जल इस व्रत के नियमों को पूजा की थीं. इस दिन विशेष रूप से गौरी−शंकर का ही पूजन किया जाता है.
बाजारों में पूरे दिन हुई खरीदारी
तीज व्रत को लेकर शनिवार को बाजारों में खासा रौनक दिखी. पूरे दिन महिलाओं ने खरीदारी की. खासकर शाम के समय कपड़ों की दुकान पर महिलाओं की भीड़ लगी रही़ इसबार प्रिन्टेड साड़ियों की सबसे अधिक डिमांड रही. खास तौर पर सूरत से मंगवाई गई साड़ियां खूब बिकीं.
