खेल से िदलायें देश को पहचान
पीजी कॉमन रूम में टेटे खेलते खिलाड़ी.
दरभंगा : वीसी प्रो साकेत कुशवाहा ने कहा कि खेल के प्रति जो उत्साह होना चाहिए वह इसीसे पता चलता है कि 120 करोड़ की आबादी वाले इस देश को अदद दो मेडल के लिए तरसना पड़ता है. उन्होंने कहा कि इसका मूल कारण यह है कि लोग अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन भरे हुए मन से कोरम पूरा करने के लिए करते हैं. वीसी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में आने के बाद से ही मैं प्रयास कर रहा हूं कि यहां के शिक्षक, कर्मियों एवं छात्रों का सोच उत्साहित करता रहूं. उन्होंने कहा कि इसके लिए लोग यह सोचना छोड़ दें कि आज क्या रहे हैं,
इसमें लग जायें कि आगे बेहतर कैसे करें. इसके लिए सभी को यह निर्धारित करना होगा कि क्या करें और क्या नहीं करें. प्रो कुशवाहा ने कहा कि खेल में लक्ष्य प्राप्ति के लिए शॉर्टकट का कोई स्थान नहीं है. उसी तरह जिंदगी में लक्ष्य प्राप्ति के लिए सुगम रास्ता भी नहीं अपनाना चाहिए. कठिन रास्ता से ही अपनी और देश की पहचान दिलायी जा सकती है. लनामिवि के पीजी कॉमन रूम में शनिवार को होने वाली अंतर महाविद्यालय पुरुष एवं महिला टेबुल टेनिस प्रतियोगिता 2016 के मौके पर आयोजित उद्घाटन समारोह को वे संबोधित कर रहे थे.
मौके पर संकायाध्यक्ष प्रो हरेकृष्ण सिंह, डॉ आइएन मिश्र, डीएसडब्ल्यू डॉ केपी सिन्हा,खेल पदाधिकारी डॉ अजयनाथ झा, परीक्षा नियंत्रक डॉ कुलानंद यादव, कन्वेंयर डॉ हीरा लाल गुप्ता, डॉ तुषार कांत झा आदि मौजूद थे. उद्घाटन सत्र के पश्चात वीसी व डीएसडब्ल्यू एवं डॉ हीरालाल गुप्ता व डॉ अजयनाथ झझा ने टेबुल टेनिस खेलकर शुरूआत की. मौके पर वीसी से खेल अधिकारी को कहा कि समारोह के बचे हुए करीब 2000 रुपये का खर्च खिलाड़ियों के मद में खर्च कर दें.
