डीएमसीएच. नेत्र रोग विभाग में पांच जुलाई को हुआ था ऑपरेशन
एक मरीज पटना रेफर
डॉक्टरों के मुतािबक इन सभी की आंखों में पहले से नहीं थी रोशनी
दरभंगा : डीएमसीएच के चार मरीजों की जिंदगी स्याह हो गयी. इन मरीजों की आखों की रोशनी चली गयी. सही उपचार नहीं होने या ये कहें कि गलत उपचार होने की वजह से यहां आये चार मरीजों की ऑपरेशन के बाद उनकी आंखों की रोशनी लौटने के बदले चली गयी. कम दिखाई देने की शिकायत लेकर पहुंचे मरीजों को अब उन आंखों से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा. स्थिति ऐसी हो गयी कि चार में से एक मरीज को यहां से पटना रेफर कर देना पड़ा. इन सभी का ऑपरेशन डीएमसीएच के नेत्र रोग विभाग में हुआ था. डॉक्टरों की टीम इन मरीजों के आंखों की रोशनी फिर से वापस लाने की प्रक्रिया में जुट गयी है.
मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने पहुंचे थे मरीज
आंख से कम दिखाई देने की समस्या लेकर अपने परिजनों के संग ये मरीज डीएमसीएच के नेत्र रोग विभाग में आये. प्राथमिक जांच के बाद मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने का सुझाव दिया गया. गत पांच अगस्त को इसमें से तीन मरीजों की आंख का ऑपरेशन किया गया. रेफर गंगा देवी का ऑपरेशन जुलाई के अंतिम सप्ताह में किया गया था. जानकारी के अनुसार जीनत खातून की बांयी आंख, गंगिया देवी की दायीं आंख तथा पनिया देवी की बांयी आंख का ऑपरेशन यहां किया गया. डाॅक्टरों के मुताबिक इन सभी की आंखों में पहले से रोशनी नहीं थी.
रोशनी चले जाने के बाद आक्रोशित हैं परिजन
मरीजों के परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों की रोशनी नहीं लौटी. पनिया देवी ने कहा कि ऑपरेशन के बाद उनकी आंखों की रोशनी आई, लेकिन छह अगस्त से उनकी एक आंख की रोशनी चली गयी. रामाशीष दास का कहना है कि ऑपरेशन के बाद वह घर चला गया था. वहां जाने के बाद जिस आंख का ऑपरेशन हुआ था वह लाल हो गया. उसमें दर्द भी शुरू हो गया. रोज जांच के लिए डाॅक्टर आते हैं. बस यह कहकर चले जाते हैं कि रोशनी लौटाने का प्रयास कर रहे हैं. मरीजों की आंख की रोशनी पूरी तरह चले जाने से उनके परिजन आक्रोशित नजर आ रहे थे.
