390 चयनित को नहीं मिला ऋण

दरभंगा : मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार योजना के तहत पढ़े-लिखे बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिये विभिन्न क्षेत्रों में हुनरमंदों को प्रशिक्षण के बाद ऋण उपलब्ध कराया जाता है. लेकिन 390 चयनित अल्पसंख्यक हुनरमंद हैं, जो कई वर्षों से अल्पसंख्यक वित्त निगम का चक्कर लगा रहे हैं. रोजगार योजना के तहत विभाग द्वारा आवेदन नहीं लिया जा […]

दरभंगा : मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार योजना के तहत पढ़े-लिखे बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिये विभिन्न क्षेत्रों में हुनरमंदों को प्रशिक्षण के बाद ऋण उपलब्ध कराया जाता है. लेकिन 390 चयनित अल्पसंख्यक हुनरमंद हैं, जो कई वर्षों से अल्पसंख्यक वित्त निगम का चक्कर लगा रहे हैं. रोजगार योजना के तहत विभाग द्वारा आवेदन नहीं लिया जा रहा है. कहा जा रहा है कि 2016- 17 का लक्ष्य नहीं आया है. जब तक पुराने चयनित बेरोजगारों को ऋण उपलब्ध नहीं करा दिया जाता नया आवेदन नहीं लिया जायेगा. नये कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं.

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारी धर्मेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2014- 15 में पूरे जिला से उद्योग लगाने ,व्यवसाय एवं वाहन ऋण मुहैया कराने के लिये 764 आवेदन आया था. डीडीसी की अध्यक्षता में चयन समिति द्वारा 599 आवेदन स्वीकृत किये गये. जिसमें 18 आवेदकों को बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्त निगम 24लाख 59 हजार रुपया वितरित किया गया. 28 जनवरी 2016 को 191 चयनितों के बीच 2 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये वितरित किया गया जिसमें 50 प्रतिशत राशि रिकॉवरी एजेंट द्वारा कर ली गयी है.
कैसे मिलता है ऋण : चयन समिति द्वारा आवेदन पर विचार करने से पूर्व रिकॉवरी एजेंट द्वारा आवेदन में वर्णित पता के अनुसार स्थल जांच किया जाता है. उसके बाद ही चयन समिति आवेदन पर विचार करती है. चयन समिति द्वारा अनुशंसा के बाद उसकी एक प्रति मुख्यालय को भेजी जाती है. जहां से ऋण स्वीकृत कर राशि चेक के माध्यम से आवेदक के खाता में भेजा जाता है. ऋण 50000 से 500000 तक दिया जाता है.

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