बिल्डिंग बायलॉज की अनदेखी

जाम की समस्या. होटलों व बैंकों के पास नहीं है पार्किंग स्थल दरभंगा : करोड़ों की लागत से बनी बहुमंजिले होटल के संचालकों ने सामने की सड़क को ही अपना पार्किंग मान अतिरिक्त रूप से इसकी व्यवस्था नहीं की है. होटल निर्माण संबंधी नक्शों की स्वीकृति देने वक्त नगर निगम प्रशासन ने भी राज्य सरकार […]

जाम की समस्या. होटलों व बैंकों के पास नहीं है पार्किंग स्थल

दरभंगा : करोड़ों की लागत से बनी बहुमंजिले होटल के संचालकों ने सामने की सड़क को ही अपना पार्किंग मान अतिरिक्त रूप से इसकी व्यवस्था नहीं की है. होटल निर्माण संबंधी नक्शों की स्वीकृति देने वक्त नगर निगम प्रशासन ने भी राज्य सरकार के बिल्डिंग बायलॉज की अनदेखी कर दी.
यही वजह है कि प्रमंडलीय मुख्यालय इस शहर में हाल के वर्षों में जितने भी होटल बने हैं, इनमें एक-दो को छोड़ किसी के पास पार्किंग स्थल नही है. होटलों की तरह ही बैंक शाखाओं की स्थिति है. शहरी क्षेत्र के 29 बैंक शाखाओं में मात्र तीन शाखा ही ऐसी है, जिनके पास पार्किंग सुविधा है. शेष सभी बैंकों के बैंक कर्मी और उनके ग्राहक सड़क को ही पार्किंग के रूप में व्यवहार करते हैं.
तीन वर्ष पूर्व भेजा गया था नोटिस
अधिकांश बैंक प्रधान मुख्य सड़क के किनारे ही हैं. इन बैंकों के सामने दिनभर वाहनों के अवैध पार्किंग से सड़क जाम की स्थिति बनी रहती है. करीब तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन नगर आयुक्त परमेश्वर राम ने प्रधान मुख्य सड़क पर बैंकों की लगने वाले वाहनों के खिलाफ शाखा प्रबंधकों को नोटिस भेजकर शीघ्र अपनी पार्किंग व्यवस्था करने का निर्देश दिया था. इस दरम्यान उन्होंने दो निजी बैंकों के वाहनों को जब्त भी कराया. बावजूद यह सिलसिला बदस्तूर जारी है.
बिना पार्किंग चल रहे बहुमंजिले होटल : दरभंगा से लहेरियासराय तक करीब डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसे होटल हैं, जिनके पास दुपहिया वाहन को रखने के लिए भी पार्किंग स्थल नहीं है. प्रधान मुख्य सड़क के किनारे बहुमंजिले इन होटलों के संचालक से लेकर ग्राहकों की दिनभर वाहनों की पार्किंग से आधा से अधिक सड़क जाम रहता है.
एसएसपी सत्यवीर सिंह ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने एवं सड़क जाम से निजात दिलाने के लिए जो संकल्प लिया है, इनमें होटल व बैंक बहुत बड़ी अवरोधक की भूमिका में है. ऐसी स्थिति में इन लोगों पर समुचित कार्रवाई के बिना उनका मिशन पूरा होते नहीं दिखता.
आधी सड़क पर दिनभर लगे रहते हैं वाहन
पूर्व में भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए जो नियम-परिनियम थे, उसमें भी पार्किंग स्थल की जगह छोड़ने का प्रावधान था. व्यावसायिक भवनों के नक्शों की स्वीकृति में इसका सख्ती से अनुपालन करना था. लेकिन कई वर्षों से निर्माणाधीन भवनों की मॉनीटरिंग की जिम्मेवारी नगर निकाय या अन्य अभियंताओं से हटाकर आर्टिटेक्टरों को नक्शा स्वीकृति का अधिकार दे दिया गया. इस अंतराल में जितने भी व्यावसायिक व गृह निर्माण हुए, उनमें उस मानक का पालन नहीं होने से ये समस्या बढ़ी है. बावजूद यदि होटलों एवं बैंकों के वाहनों से यातायात प्रभावित होता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
नागेंद्र कुमार सिंह, नगर आयुक्त, दरभंगा नगर निगम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >