टिफिन तक ही होती स्कूलों में पढ़ाई

मनमानी. एमडीएम के बाद नहीं टिकते बच्चे बेनीपुर : शिक्षक एवं अधिकारियाें की मनमानी के आगे बौना साबित हो रहा है. प्रखंड में शिक्षा अधिकार अद्यिनियम जहां स्कूली बच्चों की आधा बेला तक ही पढ़ाई होती है. मंगलवार को दिन के 2:00 बजे अनुमंड़ल मुख्यालय स्थित नन्दापट्टी मध्य विद्यालय के बरामदे पर कुछ लड़के-लड़कियां चहलकदमी […]

मनमानी. एमडीएम के बाद नहीं टिकते बच्चे

बेनीपुर : शिक्षक एवं अधिकारियाें की मनमानी के आगे बौना साबित हो रहा है. प्रखंड में शिक्षा अधिकार अद्यिनियम जहां स्कूली बच्चों की आधा बेला तक ही पढ़ाई होती है. मंगलवार को दिन के 2:00 बजे अनुमंड़ल मुख्यालय स्थित नन्दापट्टी मध्य विद्यालय के बरामदे पर कुछ लड़के-लड़कियां चहलकदमी कर रहे थे. एक शिक्षक महेश झा विद्यालय पर मौजूद थे, जबकि प्रधानाध्यापक सहित अन्य शिक्षक का कोई अता-पता नहीं था.
उपस्थित शिक्षक श्री झा कहते हैं कि मैं क्या करूं. प्रधाध्यापक बेनीपुर तो अन्य शिक्षक एवं शिक्षिका टिफिन में जो गये सो वापस नहीं आये हैं.उक्त विद्यालय में कुल नौ शिक्षक पदस्थापित हैं, जिसमें छह की उपस्थिति बनी हुई थी. उपस्थित शिक्षक बताते हैं कि दो अवकाश में तो एक शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर हैं. 282 नामांकित में 158 बच्चाें की उपस्थिति बनी हुई थी, पर भौतिक उपस्थिति नगण्य थी. शिक्षक बताते हैं कि मध्याह्न भोजन के बाद बच्चे विद्यालय से भाग जाते हैं. शिक्षक भी अपने-अपने घर का रु ख कर लेते हैं.
संकुल समन्वयक ने राम सागर ठाकुर आधा बेला विद्यालय चलने की बात को स्वीकारते हुए कहा कि प्रधानाध्यापक अमरेन्द्र कुमार सिंह की लापरवाही से बराबर विद्यालय संचालन में अनियमतिता की शिकायतें मिल रही हैं. इसको को लेकर कई बार हिदायत भी दी गयी पर वे इसमें सुधार नहीं ला रहे हैं.
अनुमंडल पदाधिकारी आवास के ठीक सामने स्थित मध्यविद्यालय हनुमाननगर का भी नजारा कुछ ऐसा ही मिला. दिन के 2:20 बजे विद्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ था. इक्का-दुक्का बच्चा इधर उधर उछल-कूद कर रहे थे और शिक्षक-शिक्षिका अलग-अलग टोली बना बैठ आपसी बातचीत मे मसगूल दिखे. प्रधानाध्यापक विष्णुकांत यादव भी गायब थे. शिक्षकों के अनुसार यहां भी मध्याह्न भोजन के बाद वर्ग संचालन नहीं होता है.
क्योंकि बच्चे भाग जाते हैं. यह अनुमंडल के सबसे सुव्यविस्थत विद्यालय में एक है जहां वर्ग 01 से 08 तक के 719 बच्चो के लिए 11 कमरे 19 शिक्षक के साथ वर्ष 2011-2012 में ही तकनीकी शिक्षा के लिए तीन कंप्यूटर से सुसज्जित कर दिया गया, पर बच्चों को तकनीकी शिक्षा क्या सामान्य शिक्षा भी नदारत है.प्रधानाध्यापक श्री यादव कहते हैं कि मैं चार दिन के सीएल में हूं. समय से पूर्व बच्चे क्यों चले गये यह तो प्रभारी ही बतायेंगे. .

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