बच्चे को अगवा करने में दो को पकड़ा
दरभंगा : पीएम थाना क्षेत्र के सिरनिया गांव से अरुण साह के पांच वर्षीय पुत्र के अपहरण मामले में सोमवार को पुलिस ने नामजद अभियुक्त समस्तीपुर जिला के कटहरबन्नी रोसड़ा निवासी उमेश साह के पुत्र प्रिंस राज को गिरफ्तार कर लिया. वहीं इसके अपराधी गुरु सुशील यादव को भी दबोच लिया. हालांकि बच्चे की बरामदगी […]
दरभंगा : पीएम थाना क्षेत्र के सिरनिया गांव से अरुण साह के पांच वर्षीय पुत्र के अपहरण मामले में सोमवार को पुलिस ने नामजद अभियुक्त समस्तीपुर जिला के कटहरबन्नी रोसड़ा निवासी उमेश साह के पुत्र प्रिंस राज को गिरफ्तार कर लिया. वहीं इसके अपराधी गुरु सुशील यादव को भी दबोच लिया.
हालांकि बच्चे की बरामदगी में पुलिस को फिलहाल सफलता नहीं मिल सकी है. उसकी तलाशी के लिए खोजबीन जारी है. सात जुलाई को प्रिंस ने अरुण साह के पुत्र का अपहरण कर लिया था. इस मामले में नौ जुलाई को एपीएम थाने में 63/16 कांड अंकित कराया गया. इसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की. रोसड़ा में भी छापेमारी की गयी.
प्राथमिकी के मुताबिक प्रिंस ने अरुण के परिवार से मित्रता बढ़ायी. आने-जाने लगा. वह अपना पता शहर के शिवाजीनगर वार्ड संख्या तीन बताता था. गिरफ्तार प्रिंस ने बताया कि दरअसल अरूण की पत्नी के संग शुरूआत में उसने देवर-भाभी का रिश्ता बनाया. इसके बाद बुरी नजर डालने लगा. उसकी पत्नी ने इसका एहसास होते ही उससे दूरी बना ली. इसी गुस्से में आकर वह छह जुलाई की शाम अरुण के घर पहुंचा. रात में वहीं रहा. सुबह जब अरुण उठा तो उसका पांच वर्षीय पुत्र गायब था. प्रिंस का भी अता-पता नहीं था. शिवाजीनगर में बताये पतें पर तलाश की तो पता गलत मिला. इसके बाद उसकी मोबाइल नंबर को कंपनी से क्लीयर कराने पर रोसड़ा निवासी के नाम से सिम जारी होने की जानकारी मिली. इस पूरी जानकारी के साथ उसने एपीएम थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी. पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए छापेमारी शुरू की. वैज्ञानिक अनुसंधान में प्रिंस राज का सत्यापन नसीम राय उर्फ छोटू सहनी के रूप में हुआ. उसके घर जब पुलिस ने छापा मारा तो वह फरार मिला. इसके बाद जान बिछाकर पुलिस ने उसे दबोच लिया. शुरूआत में तो प्रिंस पुलिस को इधर-उधर भटकाता रहा. बाद में उसने बच्चे की अपहरण की बात स्वीकारते हुए पूरी जानकारी दी. उसने बताया कि उसका अपहरण करने के बाद वह रिश्ते के चाचा सुशील यादव के यहां ले गया. वहां से चार सौ रुपये में बेचने के लिए बच्चे को जा रहा था. अंगार घाट के समीप पुलिस की चेकिंग चल रही थी. वहां रेलवे क्रॉसिंग था. गाड़ी से उसने बच्चे को वहीं उतार दिया. इधर पुलिस ने जब उसका आपराधिक इतिहास खंगाला तो कई मामलों में उसकी संलिप्तता सामने आयी. समस्तीपुर पुलिस की सहयोगी से बच्चे की तलाश की जा रही है.