दरभंगा : जाड़े के दिनों में जब बिजली की आवश्यकता उतनी नहीं थी तो शहर से लेकर गांव तक फूल लोड बिजली मिल रही थी. लोगों को भी आश्चर्य लग रहा था कि आखिर पावर होल्डिंग कंपनी इतनी सदाशयता क्यों दिखा रही है. ऐसी स्थिति में शहर से लेकर गांव तक के उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति की आदत बन गयी. अब तापमान तेजी से बढ़कर जब 42 पार कर गया है और बिजली की उपलब्धता अनिवार्य हो गयी है वैसी स्थिति में पिछले एक सप्ताह से इसकी आंखमिचौली से उपभोक्ता परेशान हैं. पिछले एक सप्ताह से बिजली सुबह से शाम तक नियमित रूप से एक दो घंटा भी नहीं रहता. जिस दिन आपूर्ति में थोड़ी सुधार दिखती है तो केबुल बदलने एवं नया लाइन शिफ्ट करने के नाम पर लोड शेडिंग कर दिया जाता है.
विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्य में सेेंट्रल पूल से 3303 मेगावाट की आपूर्ति निर्धारित है जिसके बदले पिछले एक सप्ताह से मात्र 1460 मेगावाट बिजली दी जा रही है. फरक्का बिजली घर की चार यूनिट जल संकट के कारण बंद होने से करीब 1100 मेगावाट की आपूर्ति तथा बाढ की यूनिट बंद होने से 660 मेगावाट बिजली की आपूर्ति बंद है. ऐसी स्थिति में अधिकांश दिनों में खपत से आधे की ही आपूर्ति की जा रही है.
फरक्का उत्पादन केंद्र में आपूर्ति ठप
जिला में कुल 151998 उपभोक्ता हैं इनमें शहरी क्षेत्र में 63450 तथा ग्रामीण क्षेत्र में 88458 उपभोक्ता हैं. शहरी क्षेत्र में पिक आवर में 36 मेगावाट तथा सामान्य स्थिति में 32 मेगावाट की खपत है.
ग्रामीण क्षेत्र में भी करीब 30 मेगावाट की खपत है. लेकिन पिछले एक सप्ताह से दिन में कुछ घंटों के लिए आपूर्ति घटा कर 15 मेगावाट कर दिया जाता है. ऐसी स्थिति में लोड शेडिंग कर एक-एक घंटा बिजली दी जा रही है. विभागीय अधीक्षण अभियंता आरके सिंह ने बताया कि फरक्का उत्पादन केंद्र में आपूर्ति ठप होने के कारण पूरे उत्तर बिहार में बिजली संकट गहरा गया है. इसे पुन: चालू करने का प्रयास जारी है.
