छोटे स्टेशनों पर भी होगी ट्रेनों की उद्घोषणा
दरभंगा : अब छोटे स्टेशनों के यात्रियों को ट्रेन के आवागमन को लेकर घंटी नहीं गिननी पड़ेगी. गाड़ी के आने-जाने की उद्घोषणा की जायेगी. रेलवे इस नई व्यवस्था को बहाल कर रही है. इसके लिए विभागीय प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. बस अब इसे धरातल पर उतारा जाना है. विभागीय सूत्र बताते हैं कि […]
दरभंगा : अब छोटे स्टेशनों के यात्रियों को ट्रेन के आवागमन को लेकर घंटी नहीं गिननी पड़ेगी. गाड़ी के आने-जाने की उद्घोषणा की जायेगी. रेलवे इस नई व्यवस्था को बहाल कर रही है. इसके लिए विभागीय प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. बस अब इसे धरातल पर उतारा जाना है. विभागीय सूत्र बताते हैं कि इसी महीने यह सुविधा बहाल हो जायेगी.
कयास लगाया जा रहा है कि रेलवे गणतंत्र दिवस के तोहफे के रूप में यात्रियों को यह सुविधा प्रदान करने की तैयारी में है. समस्तीपुर रेल मंडल के 64 स्टेशनों पर मैनुअल एनाउंसमेंट सिस्टम चालू किया जा रहा है. इसमें दरभंगा सेक्शन समेत अन्य खंडों पर स्थित रोड साइड स्टेशनों पर उद्घोषणा शुरू होने वाली है.
यात्रियों को मिलेगी सुविधा
रेलवे बोर्ड यात्रियों को सुविधा को लेकर नित्य नई व्यवस्था लागू कर रही है. इसी कड़ी में बोर्ड ने छोटे अर्थात यात्रियों की संख्या की दृष्टि से कम भीड़-भाड़ वाले स्टेेशनों पर ट्रेनों के आवागमन से संबंधी सूचना यात्रियों को उपलब्ध कराने के लिए एनाउंसमेंट सिस्टम चालू करने का फैसला लिया. इस आलोक में समस्तीपुर रेल मंडल ने सड़क किनारे स्थित स्टेशनों पर फिलहाल यह सुविधा बहाल करने निर्णय लिया.
वरिष्ठ मंडल सिग्नल एण्ड टेलिकॉम इंजीनियर एसके शर्मा ने इसके लिए लगातार प्रयास किया है. इसके तहत दरभंगा खंड के 21 स्टेशनों सहित मंडल क्षेत्र के कुल 64 स्टेशनों पर मैनुअल एनाउंसमेंट सिस्टम लगाया जा रहा है. समस्तीपुर से दरभंगा के बीच चार, दरभंगा से जयनगर के बीच पांच, सकरी से निर्मली-लौकहा के मध्य पांच तथा दरभंगा-सीतामढ़ी के बीच सात स्टेशनों पर इसे चालू किया जा रहा है. इस सुविधा के बहाल हो जाने से यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी.
ट्रेन के स्टेशन पर आने से पहले ही ससमय इसकी सूचना उद्घोषणा के माध्यम से मिल जायेगी. अभी तो ट्रेन के लाइन क्लीयर होने पर स्टेशन के कर्मी द्वारा घंटी बजायी जाती है. इसी आधार पर यात्रियों को गाड़ी के संबंध में जानकारी हो पाती है. रेलवे की इस पहल के बाद लोगों को यह शिकायत नहीं रहेगी कि घंटी नहीं सुनने के कारण उनकी ट्रेन छूट गई.