एसएफसी ने कहा, दस दिन बाद मिलेगा अनाज एक क्विंटल अनाज के लिए भटक रहे अग्निपीड़ित बेनीपुर. प्रखंड के हावीभौआर के शैलेंद्र कुमार चौधरी के घर जले चार दिन हो गये पर प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज भी भूखे पेट खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को मजबूर हैं. कहने के लिए तो सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन के तहत ऐसे अग्नि पीड़ित को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने का प्रावधान है, पर यदि बेनीपुर की बात करें तो शायद यहां यह पूर्णत: निष्क्रिय साबित हो रहा है. अंचल प्रशासन इन पीड़ित को 5800 रुपये तो जरूर मुहैरा करा दिया है. साथ ही अपने पत्रांक 15 दिनांक 4.1.16 के माध्यम से एसएफसी प्रबंधक को उन्हें एक क्विंटल अनाज भी उपलब्ध कराने का एक पत्र जारी करते पीड़ित को थमा दिया. पर मजे की बात तो यह हुआ कि जब पीड़ित उक्त पत्र लेकर एसएफसी प्रबंधक के पास पहुंचा तो उन्होंने अनाज नहीं होने की बात कहते हुए दस दिनों बाद एक बार खोज करने को कहा. यह कैसा आपदा प्रबंधन है जहां न तो पॉलीथीन है न अनाज. इस संबंध में पूछने पर एसडीओ अमित कुमार ने कहा कि वैसे इस मद के लिए अलग से पूर्व की भांति डीलरों को आवंटन नहीं दिया जाता है. उक्त मद का अनाज की आपूर्ति पीड़ित को सीधे गोदाम से ही दिया जाता है, पता करता हूं कि क्या स्थिति है. शीघ्र ही उपलब्ध करा दिया जायेगा.
एसएफसी ने कहा, दस दिन बाद मिलेगा अनाज
एसएफसी ने कहा, दस दिन बाद मिलेगा अनाज एक क्विंटल अनाज के लिए भटक रहे अग्निपीड़ित बेनीपुर. प्रखंड के हावीभौआर के शैलेंद्र कुमार चौधरी के घर जले चार दिन हो गये पर प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज भी भूखे पेट खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को मजबूर हैं. कहने के लिए तो सरकार द्वारा […]
