अवैध रूप से कार्यरत लिपिकों को हटाने की मांग आरडीडीइ को सौंपा ज्ञापन शिक्षा विभाग के कार्यालयों का हालदरभंगा. मिथिलांचल प्राथमिक शिक्षक कल्याण संघ ने दरभंगा प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को ज्ञापन सौंपकर अवैध रूप से कार्यरत लिपिकों को स्थानांतरित करने की मांग की है. संघ के सचिव कमलेश यादव ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर संघ की आड़ में तबादले को रुकवाने या फिर से वापस आने का खुलासा किया है. श्री यादव को आरडीडीइ कार्यालय ने लिखित जानकारी दी है कि संघ के नाम पर किसी भी लिपिक को फिर से जिला में वापस बुलाने का अभिलेख उपलब्ध नहीं है. तब यह प्रश्न उठना लाजिमी है कि किस परिस्थिति में वर्षों से एक ही कार्यालय में जमे स्थानांतरित कर्मियों को फिर से जिले में बुला लिया गया है. जबकि दूसरी ओर इस जिले में स्थानांतरित कर्मी भी इसी जिला के स्थापना आदि कार्यालय में बिना संचिका के टाइम पास कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर प्रमंडल के अन्य जिलों समस्तीपुर एवं मधुबनी में कार्य सम्पादन के लिए कर्मी का घोर अभाव है. इसमें एक आश्चर्यजनक पहलू यह भी है कि जिले के 7 कर्मियों ने मुख्य सचिव के पत्र के आधार पर संघ के नाम से फिर से पुराने पद पर आ गये. जबकि मुख्य सचिव के आदेश में संघ के अध्यक्ष सहित मात्र दो पद धारकों को ही लाभ दो वर्षों के लिए देने का प्रावधान है. सचिव श्री यादव ने 7 में से 5 कर्मियों को फिर से स्थापना कार्यालय में कार्य करने पर भी आपत्ति जाहिर करते हुए इसमें शिक्षा माफियाओंं के साथ सांठगांठ का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि ये कर्मी ही स्थापना के महत्वपूर्ण प्रभाग स्थानांतरण सेवोनिवृत्ति, अनुशासनिक कार्रवाई, नियोजन सहित प्राय: सभी कार्यों को निष्पादित कर रहे हैं जबकि वरीय लिपिक सीताराम झा के बिना कोई भी कार्य निष्पादित नहीं होते, जबकि इनका स्थानांतरण डीइओ के अपीलिय प्राधिकार में कर दिया है. इसका भी अनुपालन नहीं हो रहा है.
अवैध रूप से कार्यरत लिपिकों को हटाने की मांग
अवैध रूप से कार्यरत लिपिकों को हटाने की मांग आरडीडीइ को सौंपा ज्ञापन शिक्षा विभाग के कार्यालयों का हालदरभंगा. मिथिलांचल प्राथमिक शिक्षक कल्याण संघ ने दरभंगा प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को ज्ञापन सौंपकर अवैध रूप से कार्यरत लिपिकों को स्थानांतरित करने की मांग की है. संघ के सचिव कमलेश यादव ने सूचना के अधिकार […]
