मैथिली साहित्य भंडार भरने को सभी विधाओं के लोग आयें आगे तीन लोगों को समारोह में किया गया सम्मानितदरभंगा: मैथिली साहित्य का भंडार भरने के लिए साहित्यकारों के साथ ही वैज्ञानिकों, अर्थशास्त्रियों, अभियंताओं, चिकित्सकों के साथ ही समाज के अन्य विधाओं के लोगों को भी आगे आना चाहिए. तभी मैथिली साहित्य का भंडार परिपूर्ण होगा और इसका फलक विस्तार होगा. यह बात डा. विद्यानाथ झा ने कही. साक्षर दरभंगा, मिथिलांचल विकास परिषद व मिथिला संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मिथिला विभूति पर्व समारोह में वे पहले दिन सोमवार को स्वागत भाषण दे रहे थे. उन्होंने इसके लिए प्राथमिक स्तर पर शिक्षा का माध्यम मैथिली किये जाने के लिए चल रहे अभियान को और धार दिये जाने पर बल दिया. इस मौके पर मिथिला संघर्ष समिति की ओर से बैद्यनाथ यादव बैजू को कर्पूरी ठाकुर सम्मान, साक्षर दरभंगा की ओर से नरेंद्र सीए को वैदेह सम्मान तथा डा. कमला चौधरी को मिथिलांचल विकास परिषद की ओर से यात्री सम्मान से विभूषित किया गया. संरक्षक प्रो भीमनाथ झा ने कहा कि तीनों सम्मानित विभूतियों का मिथिला-मैथिली के लिए अवदान महत्वपूर्ण रहा है. संयोजग कमलेश झा की देखरेख में संपन्न पहले दिन के कार्यक्रम में डा. रमेश झा, हरिश्चंद्र झा हरित, अशोक ठाकुर, छविकांत यादव, नारायणजी चौधरी आदि प्रमुख थे.धन्यवाद ज्ञापन डा. महेंद्र नारायण यादव ने किया.
मैथिली साहत्यि भंडार भरने को सभी विधाओं के लोग आयें आगे
मैथिली साहित्य भंडार भरने को सभी विधाओं के लोग आयें आगे तीन लोगों को समारोह में किया गया सम्मानितदरभंगा: मैथिली साहित्य का भंडार भरने के लिए साहित्यकारों के साथ ही वैज्ञानिकों, अर्थशास्त्रियों, अभियंताओं, चिकित्सकों के साथ ही समाज के अन्य विधाओं के लोगों को भी आगे आना चाहिए. तभी मैथिली साहित्य का भंडार परिपूर्ण होगा […]
