छठ को ले बदल गया लोगों का खान-पान नियम-निष्ठा का होने लगा पालनदरभंगा: लोक आस्था के महापर्व की विधिवत शुरुआत तो वैसे 15 नवंबर को नहाय-खाय के साथ होगी, लेकिन दीपावली के अगले दिन से ही नियम-निष्ठा के आधार पर इसका आरंभ हो गया. लोगों का खान-पान बदल गया. घरों में इस पर्व को ध्यान में रखकर शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि इस पर्व में निष्ठा का खास महत्व है. हल्की सी भी चूक न हो इसके लिए विशेष कर महिलाएं सजग रहती हैं. प्राय: सभी श्रद्धालुओं के घर में यह पर्व मनाया जाता है. जिन घरों में छठ पूजा होती है, उन घरों में प्याज-लहसुन सरीखे तामसी भोजन पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है. वैसे तो निष्ठा के साथ सिर्फ व्रतियों को ही भोजन ग्रहण करने की बाध्यता है, लेकिन प्राय: सभी घरों में पूरे परिजनों पर यह लागू रहता है. दूसरी ओर त्योहार को लेकर शुद्धता-पवित्रता का भी विशेष ख्याल रखा जाता है. इसलिए घर में इधर-उधर जूठन फैलाने व थूकने पर भी रोक रहती है. खुद श्रद्धालु भी इसके प्रति जागरूक रहते हैं.
छठ को ले बदल गया लोगों का खान-पान
छठ को ले बदल गया लोगों का खान-पान नियम-निष्ठा का होने लगा पालनदरभंगा: लोक आस्था के महापर्व की विधिवत शुरुआत तो वैसे 15 नवंबर को नहाय-खाय के साथ होगी, लेकिन दीपावली के अगले दिन से ही नियम-निष्ठा के आधार पर इसका आरंभ हो गया. लोगों का खान-पान बदल गया. घरों में इस पर्व को ध्यान […]
