हमर दुर्गेश केकरो की बिगाड़लकै रे दैबा

हमर दुर्गेश केकरो की बिगाड़लकै रे दैबा परिजनों के विलाप से गमगीन हुआ गांव का माहौलफोटो. 13परिचय. विलाप करते परिजन.बहेड़ी: दो दिनों से लापता दुर्गेश का शव बरामद होते ही उसकी मां विमला देवी के चित्कार से लोगों का कलेजा दहल उठा. वह विलाप कर लोगों को कह रही थी ‘हमर दू वर्षक के बाबू […]

हमर दुर्गेश केकरो की बिगाड़लकै रे दैबा परिजनों के विलाप से गमगीन हुआ गांव का माहौलफोटो. 13परिचय. विलाप करते परिजन.बहेड़ी: दो दिनों से लापता दुर्गेश का शव बरामद होते ही उसकी मां विमला देवी के चित्कार से लोगों का कलेजा दहल उठा. वह विलाप कर लोगों को कह रही थी ‘हमर दू वर्षक के बाबू ककरो कि बिगाड़ने छलै, जे ओकर जान लऽ लेलकै’? वहीं मृतक के पिता रामकंत यादव अपने सबसे छोटे पुत्र का शव देख स्तब्ध रह गये. उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनके दो साल के बेटे से किसी की क्या दुश्मनी हो सकती है जो उसकी हत्या कर दी. दुर्गेश की परिजनों का विलाप देख गांव सहित आसपास के कई गांव से आये लोगों की भी आंखे नम हो गयीं. बताया जाता है कि रामकांत यादव के तीन पुत्र एवं एक पुत्री में दुर्गेश सबसे छोटा संतान था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >