..तो राजनीतिक रूप से जागरूक हो गये है मतदाता? बम्पर वोटिंग के बाद भी सही आकलन नहीं लगा पा रहे राजनीतिक पंडित?अंतिम चरण में सबसे अधिक वोटिंग से राजनीतिक दलों की बढ़ी धड़कनदरभंगा: पांचवें और अंतिम चरण के मतदान के बाद चुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक दल चितिंत हैं. टीवी चैनलों के एक्जिट पोल में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता देख एनडीए और महागंठबंधन की बैचेनी बढ़ गयी है. दोनो गंठबंधन में वोट प्रतिशत के अंतर का अनुमान भी काफी कम है. कहा जा रहा है कि एक प्रतिशत वोट का अंतर से दोनों गंठबंधन आगे पीछे हो सकता है. परिणाम को लेकर लगाये जा रहे अनुमान की सटीक जानकारी नहीं मिलने का यही मुख्य कारण माना जा रहा है. टीवी चैनलों का एक्जिट पोल से देश की नजर बिहार पर आ टिक गयी है. गौरतलब है कि अंतिम चरण का मतदान खत्म हुए 24 घंट से अधिक हो गये. चुनाव परिणाम आने में भी इतने ही घंटे बाकी है. किसकी दिवाली मनेगी और कौन दिवाला होगा, दबी जुबान से इसकी चर्चा शुरू हो गयी है. समर्थक अपने प्रत्याशी के जीत को लेकर कई तर्क दे रहे है. कोई तर्क सही तो कोई गलत साबित करने में जुटा है. इधर राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बिहारवासियों ने आखिर जमकर मतदान किसके पक्ष में किया? क्या सत्ता के बदलाव को लेकर अत्यधिक मतदान हुए? अगर सत्ता विरोधी लहर है तो राजनीतिक दलों और इससे जुड़े लोगो के लिए अनुमान लगाना क्यों मुश्किल हो रहा है? चुनाव परिणाम जारी होने में महज कुछ घंटे बच गये है. परिणाम जिसके पक्ष में जाए , लेकिन इस बार बिहारवासियों ने राजनीतिक रूप से विकसित होते दिखायी पड़ रहे है.इधर मिथिलांचल की अघोषित राजधानी दरभंगा के दस विधानसभा में एनडीए और महागंठबंधन के बीच सीधी टक्कर का अनुमान लगाया जा रहा है. हार-जीत का अंतर काफी कम होने की बात कही जा रही है. तो कई सीट पर लोगों के आकलन के उलट परिणाम हो आने का इंतजार है.
..तो राजनीतिक रूप से जागरूक हो गये है मतदाता?
..तो राजनीतिक रूप से जागरूक हो गये है मतदाता? बम्पर वोटिंग के बाद भी सही आकलन नहीं लगा पा रहे राजनीतिक पंडित?अंतिम चरण में सबसे अधिक वोटिंग से राजनीतिक दलों की बढ़ी धड़कनदरभंगा: पांचवें और अंतिम चरण के मतदान के बाद चुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक दल चितिंत हैं. टीवी चैनलों के एक्जिट पोल में […]
