तारामंजरी व शाम्भव सुखसार का लोकर्पण दरभंगा. बंगलागढ़ स्थित शाम्भवी कल्याण समिति के तत्वावधान में शाम्भव बाबा की रचना ‘तारामंजरी’ व ‘शाम्भव सुखसार’ का लोकर्पण सोमवार को किया गया. समारोह की अध्यक्षता कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि के पूर्व कुलपति डॉ उपेंद्र झा वैदिक ने की. इस मौके पर विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ कृष्ण चंद्र झा मयंक ने दोनों रचनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कवि ने रचनाधर्मिता का अनुपालन किया है. इस मौके पर डॉ भीमनाथ झा, डॉ जयशंकर झा, रत्नेश्वर सिंह, डॉ देवनारायण यादव ने भी दोनों रचनाओं के काव्य पक्ष पर चर्चा की. कार्यक्रम का संचालन डॉ मित्रनाथ झा ने किया.
तारामंजरी व शाम्भव सुखसार का लोकर्पण
तारामंजरी व शाम्भव सुखसार का लोकर्पण दरभंगा. बंगलागढ़ स्थित शाम्भवी कल्याण समिति के तत्वावधान में शाम्भव बाबा की रचना ‘तारामंजरी’ व ‘शाम्भव सुखसार’ का लोकर्पण सोमवार को किया गया. समारोह की अध्यक्षता कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि के पूर्व कुलपति डॉ उपेंद्र झा वैदिक ने की. इस मौके पर विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ कृष्ण […]
