प्रेम के बिना जीवन व्यर्थ सिंहवाड़ा. भराठी में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक स्वामी वेदानन्द शास्त्री आनन्द ने कहा कि प्रेम के बिना जीवन व्यर्थ है. क्योंकि जो मनुष्य प्रेम की भाषा नहीं जानते वह न तो ईश्वर से, माता-पिता से, बन्धु बान्ध्वो से या पश- पक्षियों से प्रेम ही प्रेम कर सकते हैं. वहीं आयोजक विकास कुमार सिंह, ग्रामीण गुड्डु सिंह, दीपक कुमार सिंह, डा कपिलदेव सिंह, सकलदेव सिंह, नरेश सिंह, अखिलेश सिंह कथा स्थल पर सक्रिय थे.
प्रेम के बिना जीवन व्यर्थ
प्रेम के बिना जीवन व्यर्थ सिंहवाड़ा. भराठी में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक स्वामी वेदानन्द शास्त्री आनन्द ने कहा कि प्रेम के बिना जीवन व्यर्थ है. क्योंकि जो मनुष्य प्रेम की भाषा नहीं जानते वह न तो ईश्वर से, माता-पिता से, बन्धु बान्ध्वो से या पश- पक्षियों से प्रेम ही […]
