कैंपस- हिंदी विभाग मेें विचारगोष्ठी आयोजित

कैंपस- हिंदी विभाग मेें विचारगोष्ठी आयोजित दरभंगा. लनामिवि के हिंदी विभाग में आधुनिकता और उत्तर आधुनिकता विषय पर विचारगोष्ठी का आयोजन गुरुवार को किया गया. जेएनयू के पूर्व प्राचार्य डा. गंगा प्रसाद विमल ने कहा कि आधुनिकता प्रचलित मूल्याें के विरुद्ध नये मूल्यों की स्थापना है. वस्तुत: आधुनिक ता प्रचलित व प्रदत्त मान्यताओंं के विरुद्ध […]

कैंपस- हिंदी विभाग मेें विचारगोष्ठी आयोजित दरभंगा. लनामिवि के हिंदी विभाग में आधुनिकता और उत्तर आधुनिकता विषय पर विचारगोष्ठी का आयोजन गुरुवार को किया गया. जेएनयू के पूर्व प्राचार्य डा. गंगा प्रसाद विमल ने कहा कि आधुनिकता प्रचलित मूल्याें के विरुद्ध नये मूल्यों की स्थापना है. वस्तुत: आधुनिक ता प्रचलित व प्रदत्त मान्यताओंं के विरुद्ध होती है. आधुनिकता 19 वीं सदी में आयी और इसके प्रतिफल 20 वीं सदी में भोगा गया. उत्तर आधुनिकता में बाजार शक्तिशाली हो गया. डा. विलम ने कहा कि आज की दिनचर्या में विज्ञापन का बोलबाला है. विचारगोष्ठी की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डा. रामचंद्र ठाकुर ने की. संचालन प्रो. चंद्रभानु सिंह ने की. इस अवसर पर विभागीय शिक्षक डा. आनंद प्रकाश गुप्ता, डा. सुरेंद्र प्रसाद सुमन, डा. प्रभाकर ठाकुर, डा. बीके सिंह सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.

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