बहेड़ी : थाना क्षेत्र के हरहच्चा गांव में मंगलवार की रात चालीस वर्षीय विकलांग की गला रेत कर हत्या कर दी गयी. लूटपाट की घटना को अंजाम देने के बाद हत्या किये जाने की बात सामने आ रही है. वैसे पुलिसिया छानबीन के बाद ही घटना के कारणों का स्पष्ट पता चल पायेगा. जानकारी के […]
बहेड़ी : थाना क्षेत्र के हरहच्चा गांव में मंगलवार की रात चालीस वर्षीय विकलांग की गला रेत कर हत्या कर दी गयी. लूटपाट की घटना को अंजाम देने के बाद हत्या किये जाने की बात सामने आ रही है.
वैसे पुलिसिया छानबीन के बाद ही घटना के कारणों का स्पष्ट पता चल पायेगा. जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के हरच्च्चा गांव के विकलांग विजय सिंह की गला रेत कर हत्या मंगलवार की रात कर दी गयी.
वह अपने घर पर ही रहकर ही छोटा मोटा कारोबार करता था. उसकी शादी अभी तक नही हुई थी. उसके बड़े भाई सुबोध सिंह के घर से खाना मिलता था. रात में खाना खाकर वह सो गया. बुधवार की सुबह चाय लेकर पहुंचा उसका भतीजा मनीष तो ग्रील खुला देख वह स्तब्ध रह गया.
अंदर घुसा तो विजय लहूलुहान अपने बिछावन पर पड़ा हुआ था. चाचा की हालत देख वह चित्कार मारकर रोने लगा. उसकी आवाज सुन कर आस पास के लोग भाड़ी संख्या में जाम हो गये. स्थानीय मुखिया सुभाष सिंह की सूचना पर थानाध्यक्ष सीताराम प्रसाद के नेतृत्व में दलबल के साथ पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गयी.
मृतक के गर्दन पर जख्म के निशान को देख कर कमरे का मुआयना किया लेकिन उसकी हत्या में प्रयुक्त चाकू या अन्य धारदार हथियार उस घर में बरामद नही हुआ. पुलिस ने पंचनामा बना कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है. थानाघ्यक्ष के अनुसार सुबोध सिंह के बयान पर अज्ञात के िवरुद्ध अंकित किया जा रहा है.
मौके पर पहुंचे एसडीपीओ अंजनी कुमार ने कहा कि शीघ्र ही इस कांड का उद्भेदन कर लिया जायेगा.
नशे का आदी था विजय, जेल से कुछ ही दिन पहले आया था छुट कर
बहेड़ी : हरहच्चा गांव में विजय सिंह की हुई हत्या को लेकर गांव के लोग मर्माहत हैं. गला रेतकर हुई इस जघन हत्या के बाद भी शव पर विलाप करती एक भी महिलाएं नही दिखाई पड़ी. स्व. ब्रजकिशोर सिंह के छह बेटे में विजय तीसरे नम्बर पर था. बड़े भाई की मृत्यु पहले ही हो चुकी है. मझले भाई सुबोध का परिवार गांव में रह रहा है.
मृतक विजय से छोटे सभी भाई पूरे परिवार के साथ जीवकोपार्जन के लिए गांव से बाहर रह रहा है. जिसके कारण विजय के शव पर विलाप करने वाली एक भी महिलाएं नही दिखाई पड़ी. सुबोध की पत्नी भी घटना की सूचना मिलते ही बेहोश हो गयी. उसके पास के सुरहाचटटी स्थित एक निजी क्लिनिक में स्लाईन चढाया जा रहा है.
सुबोध के परिवार से ही उसे चाय नाश्ता एवं खाना मिल रहा था. विजय अपने घर में ही छोटे मोटे किराने की दुकान चला रहा था. जिसमें दारु एवं गांजा रखने के आरोप में वह जेल भी जा च्ुाका है. जेल से आने के बाद उसने दुकानदारी छोड़ सूदी का करोबार शुरु कर दिया.जिस घर में उसकी लाश मिली उसमें एक तहखाने भी पुलिस को दिखी.
बिना ताला के तहखाने के स्लैब को उठाने के बाद पुलिस ने उसमें कुछ भी नही बरामद कर सकी.लेकिन मृतक का मोबाइल, एटीएम,पासबुक,सुदी बही आदि बरामद नही हो सका.
पुलिस को शंका है कि विजय की हत्या उसके पैसे के लिए की गयी होगी. उसकी हत्या किसने की यह अबूझ पहली बनी हुई है. इसका पता अनुसंधान से ही चल पायेगा. क्योंकि जेल से आने के बाद उसकी लत गाजा भंाग एवं दारु पर भी लग गयी थी. पुलिस को अंदेशा है कि इन में भी किसी ने उसकी हत्या कर दी गयी होगी. चुनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन इसके उदभेदन में जुट गयी है. नतीजा शीघ्र आने की उम्मीद है.