उद्यमशीलता व कौशल विकास पर कार्यशाला में बोले प्रोवीसीसमान अवसर सेल के तत्वावधान में शुरु हुई कार्यशालाफोटो- 16परिचय- कार्यशाला को संबोधित करते प्रतिकुलपति प्रो. सैयद मुमताजुद्दीन व मंचस्थ अतिथि.दरभंगा. एक सफल उद्यमी वही बन सकता है. जिसमें जोखिम लेने का हौसला हो. उद्यमी बनने के लिए आगे बढ़ने की ललक, प्रबंधकीय क्षमता, लोगों क ो साथ लेकर चलने की क्षमता, जीत व हार की जवाबदेही लेने का हौसला भी आवश्यक है. एक सफल उद्यमी हमेशा ऊर्जावान व गतिशील सोच रखता है. पीजी संगीत व नाट्य विभाग में आयोजित कार्यशाला के उद्घाटनकर्त्ता सह मुख्य अतिथि प्रतिकुलपति प्रो. सैयद मुमताजुद्दीन ने यह बातें कही. कार्यशाला के विषय ”उद्यमशीलता व कौशल विकास” पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रो. मुमताजुद्दीन ने कहा कि जिनमें आगे बढ़ने की ललक नहीं हो एवं जो सुस्त रफ्तार के हैं वे सफल उद्यमी नहीं बन सकते. सफल उद्यमी हमेशा वित्तीय संसाधन, मानव संसाधन एवं प्रशिक्षित संसाधनों को बाजार की स्थिति के अनुरुप अपनाने के माहिर होते हैं. मिथिला क्षेत्र की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की मिट्टी उपजाऊ है, जल संसाधन प्रचुरता में है, जैविक विविधता वाला यह क्षेत्र में सांस्कृतिक विरासतों के मामले में काफ ी धनी है. बावजूद यहां के लोग औद्योगिक क्षेत्रों में उतने आगे नहीं बढ़ सके. इसके लिए कहीं न कहीं उद्यमशीलता व कौशल का अभाव मुख्य कारण है. विषय विशेषज्ञ के रुप में प्रतिभागियों को उद्यमशीलता एवं कौशल विकास के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी. त्रिदिवसीय कार्यशाला का संचालन सेल समन्वयिका डा. लावण्यकीर्त्ति सिंह काव्या ने किया.
कैंपस-उद्यमी बनने के लिए जोखिम लेने का हौसला जरुरी : प्रो. सैयद
उद्यमशीलता व कौशल विकास पर कार्यशाला में बोले प्रोवीसीसमान अवसर सेल के तत्वावधान में शुरु हुई कार्यशालाफोटो- 16परिचय- कार्यशाला को संबोधित करते प्रतिकुलपति प्रो. सैयद मुमताजुद्दीन व मंचस्थ अतिथि.दरभंगा. एक सफल उद्यमी वही बन सकता है. जिसमें जोखिम लेने का हौसला हो. उद्यमी बनने के लिए आगे बढ़ने की ललक, प्रबंधकीय क्षमता, लोगों क ो […]
