बारिश से बढ़ी किसानों कि चिंता

कमतौल. रूक-रूक कर हुई बारिश ने बैशाख में सावन का अहसास करा दिया़ दो-चार दिनों के अंतराल पर हो रहे बेमौसम बारिश से किसानों के समक्ष दो जून की रोटी के लाले पड़ने के आसार बन गये हैं़ खेतों में खड़ी गेंहूं की फसल से ज्यादा दरवाजे और खलिहान में पड़ी फसल को समेटना मुश्किल […]

कमतौल. रूक-रूक कर हुई बारिश ने बैशाख में सावन का अहसास करा दिया़ दो-चार दिनों के अंतराल पर हो रहे बेमौसम बारिश से किसानों के समक्ष दो जून की रोटी के लाले पड़ने के आसार बन गये हैं़ खेतों में खड़ी गेंहूं की फसल से ज्यादा दरवाजे और खलिहान में पड़ी फसल को समेटना मुश्किल हो रहा है़ किसानों का कहना है कि पहले हो चुके नुकसान का अभी तक उन्हें कोई मुआवजा भी नहीं मिला है़ आगे मिलेगा या नहीं कौन जानता है़ किशोरी मंडल, अरुण राय, पंकज कुमार, शिवराम कुमार, पवन कुमार ठाकुर, संजीत कुमार आदि ने बताया कि खेत में खड़ी फसल तो गयी ही दाने काले हो जायेंगे़ सबसे बड़ी समस्या खलिहान में काटकर रखे गए गेहूं के बोझे को पानी से बचाकर रखना है़ इस बदले मौसम ने किसानों की नींद उड़ा दी है़ सुबह से तेज धूप निकलने से लोग कटनी-दौनी को लेकर आपाधापी में लगे थे़ शाम में हुई बारिश ने उनकी चिंता बढ़ा दी है़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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