फोटो : 16 डीएआर01परिचय : प्राथमिक विद्यालय अनार उर्दू के गेट में लटका ताला दरभंगा . हायाघाट प्रखंड का राजकीय प्राथमिक विद्यालय अनार उर्दू . यह सिंधौली पंचायत के अनार गांव में अवस्थित है. सुबह साढ़े छह बजे हैं. स्कूल के गेट में ताला लटका हुआ है. बच्चों का आना शुरू हो गया है. गेट के बाहर बच्चे इधर उधर भटक रहे हैं. वे गेट का ताला खुलने का इंतजार कर रहे हैं. कुछ देर तक रहे, पर एक भी शिक्षक नहीं आये. गेट में ताला झूलता रहा. बच्चों ने सोचा आज भी स्कूल बंद ही रहेगा. यह सोच एक एक कर अधिकांश बच्चे अपने घर लौट गये. दस पंद्रह बच्चे जब बचे तो स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. अब्दुल कलाम पहुुंचते हैं. बच्चों को रोकते हैं. कहते हैं कि मध्याह्न भोजन बनवा रहे हैं, खाकर तब जाना. कुछ बच्चे यह बोल उठा, पढ़ाई होबे नहीं करेगा त खाली खाना खाने के रूके. बता दें कि पिछले नौ अप्रैल से इस स्कूल में ताला बंद है. 200 नामांकित छात्र छात्राएं हैं. जबकि सात शिक्षक एवं शिक्षिकाएं. इसमें पांच शिक्षिकाएं जबकि दो शिक्षक हैं. सभी के सभी नियोजित हैं, इसलिए पठन पाठन पूरी तरह ठप हैं. प्रभारी एचएम ने कहा कि शिक्षकों को अपने भविष्य को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है. पंचायत समिति सदस्य सह स्थानीय ग्रामीण महेन्द्र राम शिक्षकों की हड़ताल से चिंतित हैं. वे कहते हैं कि इस हड़ताल का सीधा असर गांव के गरीब एवं कमजोर वर्ग के बच्चों पर पर रहा है. सरकार और शिक्षक के बीच बच्चे पीस रहे हैं. सरकार को इसको लेकर कड़े कदम उठाना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए. उनके परिवार एवं बाल बच्चों के भरण पोषण को लेकर भी सरकार को संजीदगी दिखानी होगी.
पढाई होबे न करेगा तो खाली खाना खाने के लिए रुकें
फोटो : 16 डीएआर01परिचय : प्राथमिक विद्यालय अनार उर्दू के गेट में लटका ताला दरभंगा . हायाघाट प्रखंड का राजकीय प्राथमिक विद्यालय अनार उर्दू . यह सिंधौली पंचायत के अनार गांव में अवस्थित है. सुबह साढ़े छह बजे हैं. स्कूल के गेट में ताला लटका हुआ है. बच्चों का आना शुरू हो गया है. गेट […]
