Darbhanga News: मिथिला विश्वविद्यालय में तीन साल से अतिथि प्राध्यापक बनने की बाट जोह रहे 140 अभ्यर्थी

Darbhanga News:मिथिला विश्वविद्यालय में 2022 में वनस्पति विज्ञान विषय में अतिथि प्राध्यापक पद पर बहाली के लिए हुए साक्षात्कार का परिणाम न्यायादेश के आलोक में अब जारी होने की संभावना है.

Darbhanga News: दरभंगा. मिथिला विश्वविद्यालय में 2022 में वनस्पति विज्ञान विषय में अतिथि प्राध्यापक पद पर बहाली के लिए हुए साक्षात्कार का परिणाम न्यायादेश के आलोक में अब जारी होने की संभावना है. बता दें कि इस विषय के 80 सीट के विरुद्ध आयोजित साक्षात्कार में करीब 140 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था. इन पदों के लिये 150 आवेदन आया था. इसमें एलाइड विषय वाले भी कुछ अभ्यर्थी शामिल थे. विवि ने एलाइड विषय वाले अभ्यर्थियों का पद के योग्य नहीं माना तथा नियुक्ति प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया. विवि के इस निर्णय के खिलाफ एलाइड विषय वाले सात अभ्यर्थी उच्च न्यायालय चले गए. न्यायालय ने एलाइड विषय वाले अभ्यर्थियों काे नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश देते हुए रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी. कहा कि सुनवाई पूरी होने पर जो अंतिम निर्णय होगा, उसका अनुपालन करना है.

करीब दो साल बाद सक्रिय हुए अभ्यर्थी

बताया जाता है कि न्यायालय ने वर्ष 2023 में सुनवाई पूरी कर ली. विवि को एक माह के भीतर एलाइड विषय वाले अभ्यर्थियों को छोड़कर रिजल्ट जारी करने का न्यायालय ने आदेश दिया. न्यायादेश की जानकारी मूल विषय वाले अभ्यर्थियों को नहीं मिल सकी. करीब दो वर्ष बाद मूल विषय वाले अभ्यर्थियों को जब कहीं से इसकी जानकारी मिली तो वे सक्रिय हुए और न्यायादेश की प्रति के साथ विवि में आवेदन दिया.

अभ्यर्थियों का आवेदन मिलने पर सक्रिय हुआ विश्वविद्यालय

अभ्यर्थियों का आवेदन मिलने पर विवि भी सक्रिय हुआ. विधिक पक्ष स्पष्ट करने के लिए टेबल दर टेबल संचिका बढ़ रही है. संभावना है कि जल्द ही रिजल्ट जारी हो जाये.

कई तरह की हो रही चर्चा

चर्चा है कि न्यायालय ने रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया है, लेकिन सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति होगी या नहीं न्यायादेश में यह स्पष्ट नहीं है. न्यायादेश के आलोक में रिजल्ट जारी कर भी दिया जाता है, तो अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर संशय है. नियुक्ति के लिए विवि ने तीन वर्ष पूर्व पैनल तैयार किया था. पैनल की वैधता एक वर्ष ही थी. चर्चा है कि इस पैनल के आधार पर नियुक्ति हुई तो इसकी वैधता पर सवाल खड़ा हो सकता है. यही कारण है कि मामले के हर पहलू को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय कदम आगे बढ़ा रहा है.

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Author: PRABHAT KUMAR

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