डीएम ने अधिकारियों के साथ कटाव स्थल का किया निरीक्षण
अभियंताओं को दिया कटाव निरोधी कार्य तुरंत कराने का आदेश
सदर, हनुमाननगर व बहादुरपुर प्रखंडों में राहत कार्य का किया निरीक्षण
दरभंगा : सदर, हनुमाननगर एवं बहादुरपुर प्रखण्ड के कुछ नये क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैल जाने से वहां रिलीफ वितरण कार्य तेज हो गया है. लोगों को भोजन, पेयजल, पोलीथीन शीट्स दिया जा रहा है. वरीय पदाधिकारी चल रहे कैंपों पर नजर रखे हुए हैं. दरभंगा-समस्तीपुर मार्ग में हो रहे कटाव का निरीक्षण डीएम डॉ त्यागराजन एसएम सोमवार को हनुमाननगर प्रखंड के डीलाही गांव के पास किया.
विभागीय अभियंताओं को कटावरोधी कार्य तुरंत चालू कराने का निर्देश दिया. उन्होंने सदर प्रखंड की बाढ़ प्रभावित पंचायतों का भ्रमण कर रिलीफ वितरण, सामुदायिक रसोई का जायजा लिया.
उत्क्रमित मध्य विद्यालय चक्का में संचालित सामुदायिक रसोई में प्रधानाध्यापक को भोजन की गुणवत्ता बनाये रखने का निर्देश दिया. कंसी पंचायत के लोगों से उनका हाल-चाल पूछा व हर संभव सहायता पहुंचाने का भरोसा दिया. उन्होंने बीडीओ, सीओ, थानाध्यक्ष एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बैठक कर बाढ़ पीड़ितों के बीच सामुदायिक रसोई का संचालन सुनिश्चित कराने एवं पीड़ित परिवारों का सर्वेक्षण कर सही सूची तैयार करने को कहा. सहायक समाहर्ता विनोद दूहन, बीडीओ, सीओ, थानाध्यक्ष तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे.
इधर, डीएम के निर्देश पर डीडीसी डॉ कारी प्रसाद महतो ने शोभन बाइपास में पास विस्थापित परिवारों को सामुदायिक रसोई के माध्यम से खाना मिलने, पोलीथीन शीट्स प्राप्त होने आदि की जानकारी ली. डीडीसी ने हनुमाननगर के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर के बाढ़ पीड़ितों को सुव्यवस्थित तरीके से कम्यूनिटी किचन चलाकर उन्हें खाना खिलाने का निर्देश दिया.
एक लाख से अधिक बाढ़ पीड़ित को खिलाया गया खाना
सामुदायिक रसोई से अब तक एक लाख से अधिक बाढ़ प्रभावित को भोजन कराया जा चुका है. मध्याह्न भोजन के डीपीओ संजय कुमार देव कन्हैया ने बताया कि हनुमाननगर में 84 स्थलों पर 37,273, सिंहवाड़ा में 64 स्थलों पर 15,781 सदर प्रखण्ड एवं किरतपुर में 32-32, बहादुरपुर में 26, कुशेश्वरस्थान में 20, तारडीह में 19, घनश्यामपुर में 18, जाले में 12, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में नौ, गौड़ा बौराम में आठ, अलीनगर में सात, केवटी, मनीगाछी, हायाघाट प्रखण्ड में चार-चार एवं नगर में एक स्थल पर सामुदायिक रसोई चलाया गया
