दरभंगा : राजकीय रेल पुलिस के कर्मियों द्वारा लहेरियासराय स्टेशन पर ट्रेन में शनिवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कर्मी के साथ मारपीट किये जाने का मामला सामने आया है. साथ ही प्राथमिकी दर्ज कर बैंक कर्मी को जीआरपी ने हिरासत में भेज भी दिया है. बतौर प्रभारी थानाध्यक्ष ट्रेन में ऑन ड्यूटी स्टाफ के साथ बदसलूकी का इसमें आरोप लगाया गया है.
आइडी कार्ड मांगने पर जीआरपी जवान ने बैंक कर्मी को पीटा
दरभंगा : राजकीय रेल पुलिस के कर्मियों द्वारा लहेरियासराय स्टेशन पर ट्रेन में शनिवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कर्मी के साथ मारपीट किये जाने का मामला सामने आया है. साथ ही प्राथमिकी दर्ज कर बैंक कर्मी को जीआरपी ने हिरासत में भेज भी दिया है. बतौर प्रभारी थानाध्यक्ष ट्रेन में ऑन ड्यूटी स्टाफ […]

आरबीआइ कर्मी का कसूर बस इतना था कि उसने पुलिस से उसका आइडी मांग लिया. युवक मब्बी ओपी क्षेत्र के चतरिया निवासी विनोद कुमार का पुत्र अविनाश कुमार बताया गया है. विनोद दरभंगा मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं.
विनोद कुमार ने बताया कि उनका पुत्र अविनाश रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में टेक्नीशियन के पद पर कायर्रत है. वह गंगासागर ट्रेन से कोलकाता से घर आ रहा था. शनिवार की सुबह ट्रेन लहेरियासराय स्टेशन पर रूकी, तो जीआरपी का एक कर्मी सामान चेक करने के लिए गाड़ी पर चढ़ा. पुलिसकर्मी सामान की जांच कर नीचे उतर गया.
थोड़ी देर के बाद दुबारा कुछ पुलिसकर्मी सामान की चेकिंग के लिए अविनाश से पूछताछ करने लगे. इस पर अविनाश को आशंका हुई. उसने पुलिस वाले से उनका आइडी मांगा. इस पर पुलिस वाले भड़क उठे. उसके साथ मारपीट की. उसे जबरदस्ती ट्रेन से उतार दिया. उसका सामान भी छीन लिया. उसे लेकर दरभंगा जंक्शन पहुंचे. बतौर विनोद उलटे गलत एफआईआर दर्ज कर उसे समस्तीपुर भेज दिया गया.
विनोद ने बताया कि पुलिसवालों ने दोपहर तक उनके पुत्र का मोबाइल सीज किये रखा. इधर पूरा परिवार किसी अनहोनी की चिंता में व्याकुल था. जब थानाध्यक्ष के सरकारी मोबाइल पर फोन किया गया, तो कॉल रिसीव नहीं किया गया. कई बार के प्रयास के बाद जब कॉल रिसीव किया गया, तो थानाध्यक्ष एसके द्विवेदी के अवकाश पर रहने व खुद को एसआइ पंकज कुमार बतानेवाले ने ट्रेन में स्टाफ के साथ बदसलूकी करने के मामले में गिरफ्तार किये जाने की बात कही. मामले की पूरी जानकारी मांगने पर फोन काट दिया. इधर रेल एसपी का भी सरकारी नंबर करीब पौने पांच बजे बंद मिलता रहा.