वेंडिंग जोन निर्माण में एनओसी बाधक, विभाग नहीं दे रहा तवज्जो

जाम से निजात को तीन स्थलों का चयन कर मांगा गया था एनओसी संबंधित विभाग नहीं दे रहा कोई तवज्जो, शहर की सूरत बदहाल दुकानों का निर्माण नहीं होने से फुटपाथ पर दुकान लगाना मजबूरी नगर निगम अपने स्थल पर भी नहीं कर रहा वेडिंग जोन का निर्माण दरभंगा : शहर में लगने वाले जाम […]

जाम से निजात को तीन स्थलों का चयन कर मांगा गया था एनओसी

संबंधित विभाग नहीं दे रहा कोई तवज्जो, शहर की सूरत बदहाल
दुकानों का निर्माण नहीं होने से फुटपाथ पर दुकान लगाना मजबूरी
नगर निगम अपने स्थल पर भी नहीं कर रहा वेडिंग जोन का निर्माण
दरभंगा : शहर में लगने वाले जाम का ठीकरा निगम के सिर या फिर दो जून की रोटी के जुगाड़ में लगे फुटपाथी दुकानदारों पर फोड़ा जाता है, लेकिन जब इससे निजात दिलाने की बात आती है, तो संबंधित विभाग सहयोग नहीं करता. नगर निगम तीन स्थलों का चयन कर संबंधित विभागों को करीब आधा दर्जन बार पत्र भेज एनओसी के लिये अनुरोध कर चुका है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं होते नहीं देख निगम ने बीते वर्ष के दिसंबर माह में टीवीसी की बैठक में अपनी भूमि पर दुकान बनाने का निर्णय लिया था.
बावजूद अब तक इस ओर कोई कार्यवाही नहीं हुई. लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से फुटपाथ पर व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को दुकान उपलब्ध कराने की सरकार की योजना विभागीय अधिकारियों की शिथिलता के कारण खटाई में पड़ी है. नगर में छोटे दुकानदार जीविकोपार्जन को लेकर चाय, पान, सब्जी, नास्ता बगैरा का दुकान लगा करीब छह सालों से प्रस्तावित वेंडिंग जोन निर्माण की राह ताक रहे हैं. मालूम हो कि केंद्र की योजना बिहार राज्य फुटपाथ विक्रेता जीविका संरक्षण के तहत वेंडिंग जोन का निर्माण होना है.
एनओसी के लिए कई बार भेजा पत्र :
प्रस्तावित स्थल पर वेंडिंग जोन निर्माण को लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र दिये जाने को लेकर निगम तत्परता दिखाते हुए सदर सीओ, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता व उप विकास आयुक्त को करीब आधा दर्जन बार पत्र भेज अनुरोध कर चुका है, लेकिन फलाफल शून्य है. एनओसी नहीं दिये जाने को लेकर निगम ने बीते साल के तीन, 23 मई को डीएम व विभाग को पत्र भेज अवगत कराया था. पत्र के आलोक में विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने डीएम को अपने स्तर से एनओसी दिलाने को लेकर 14 जुलाई 2017 को पत्र भेजा था. कार्रवाई होते नहीं देख तत्काल कमेटी ने निगम की तीन भूमि पर दुकान बनाने का निर्णय दिसंबर की बैठक में लिया था. बोर्ड ने भी इसे लेकर हरी झंडी दी थी, लेकिन स्थिति जस की तस है.
1117 दुकानदारों का
हुआ था सर्वे
केंद्र सरकार की एनजीओ नासवीं ने वर्ष 2014 में नगर के 884 फुटपाथी दुकानदारों का सर्वे फार्म पर किया था. सरकार ने इस सर्वे को मानने से इंकार करते हुये बायोमेट्रिक के आधार पर पुन: साल 2015 में 1117 फुटपाथी दुकानदारों का सर्वे कर चयन किया. इसमें विभाग की ओर से महज 375 दुकानदारों को परिचय पत्र उपलब्ध कराया गया है.
लोड शेडिंग व पावर फेल की समस्या से पूरे दिन उपभोक्ता रहे हलकान

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