296 बच्चों के लिए बनायी गयी थी दो किलो चावल की खिचड़ी

कमतौल : मवि कन्या कमतौल में बच्चों की उपस्थिति के हिसाब से एमडीएम नहीं बनाया जाता है. बीडीओ के निरीक्षण में यह मामला बुधवार को उजागर हुआ. सुबह करीब 10.20 बजे बीडीओ रागिणी साहू विद्यालय पहुंची थी. एमडीएम में गड़बड़ी सहित कई अन्य अनियमितता को लेकर छात्राओं ने बीडीओ के व्हाट्सएप्प पर शिकायत दर्ज करायी […]

कमतौल : मवि कन्या कमतौल में बच्चों की उपस्थिति के हिसाब से एमडीएम नहीं बनाया जाता है. बीडीओ के निरीक्षण में यह मामला बुधवार को उजागर हुआ. सुबह करीब 10.20 बजे बीडीओ रागिणी साहू विद्यालय पहुंची थी. एमडीएम में गड़बड़ी सहित कई अन्य अनियमितता को लेकर छात्राओं ने बीडीओ के व्हाट्सएप्प पर शिकायत दर्ज करायी थी. विद्यालय में नामांकित 334 छात्राओं में से 296 की विद्यालय में उपस्थिति बनी थी. रसोई घर में खिचड़ी पकायी जा रही थी.

बीडीओ ने जब टोकना को देखा, तो हैरत में पड़ गया. मात्र डेढ़-दो किलो चावल की खिचड़ी बन रही थी. पूछे जाने पर रसोइया ने बीडीओ से कहा कि वह तो रोज इतना ही चावल बनाती है. सभी भरपेट खाते हैं. बीडीओ के सामने एमडीएम परोसा गया, तो आधे से अधिक बच्चों की थाली खाली ही रह गयी. इसे देख बीडीओ ने विद्यालय प्रधान राम निरंजन साह व रसोइये को भी आइंदा ऐसी हरकत नहीं करने की हिदायत दी. बीडीओ के निर्देश पर एमडीएम से वंचित छात्रों को बिस्कुट का पैकेट मंगवा कर वितरण कराया गया.

बीडीओ ने बताया कि विद्यालय प्रधान रोकड़ पंजी, बाल पंजी, मुहिम पंजी, स्टॉक रजिस्टर आदि मांगे जाने पर असमर्थता जता रहे हैं. सिर्फ एमडीएम पंजी पांच मई तक अपटूडेट मिला है. बीडीओ ने स्वीकार किया कि विद्यालय में एमडीएम में कटौती की जाती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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