Danapur-Bihta Elevated Road: पटना में कई रोड प्रोजेक्ट्स पर काम किए जा रहे हैं. ऐसे में दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य जल्द पूरा किए जाने पर जोर दिया जा रहा है. यह एलिवेटेड रोड करीब 25 किलोमीटर लंबा फोरलेन कॉरिडोर है, जिसे देश के सबसे लंबे एलिवेटेड शहरी राजमार्गों में से एक माना जा रहा है. साल 2027 के जून तक इस फोरलेन कॉरिडोर पर गाड़ियों के परिचालन की पूरी संभावना है.
परियोजना की कितनी है लागत?
जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना की कुल निर्माण लागत लगभग 1,969 करोड़ है. इस एलिवेटेड रोड का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह भविष्य में बनने वाले बिहटा सिविल एन्क्लेव (हवाई अड्डे) को पटना शहर से सीधे और बिना ट्रैफिक के जोड़ेगा. स्थानीय ट्रैफिक की सुगमता के लिए इसमें चार महत्वपूर्ण जगहों दानापुर रेलवे स्टेशन के पास, शिवाला मोड़, बिहटा हवाई अड्डा लिंक, बिहटा-सरमेरा बाईपास पर रैंप और लूप दिये जायेंगे.
इन 4 जगहों पर बनाए जायेंगे बाइपास
साथ ही सड़क को ट्रैफिक फ्री बनाने के लिए इस रूट पर 4 प्रमुख बाइपास शामिल हैं-नेऊरागंज, पैनाल, कन्हौली और विशुनपुरा. इसके बनने से नीचे के लोकल ट्रैफिक को भी राहत मिलेगी. यह एलिवेटेड रोड व्यापक ‘पटना-बक्सर फोरलेन परियोजना’ (एनएच-922) का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके चालू होने से पटना से दिल्ली और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली गाड़ियों का समय करीब दो घंटे तक कम हो जायेगा.
फोरलेन सड़क के बनने से होगा ये फायदा
इस फोरलेन रोड का निर्माण कार्य पूरा होने से प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को फायदा मिल सकेगा. पटना शहर से आईआईटी पटना (बिहटा) और एनआईटी पटना के ये कैंपस तक आना-जाना बेहद आसान और समय की बचत करने वाला हो जायेगा. सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद अगले 10 सालों तक इसके रखरखाव और मेंटेनेंस की पूरी जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की ही होगी, जिससे सड़क की गुणवत्ता बनी रहेगी.
