Munger-Mirzachowki four-lane: मुंगेर को भागलपुर और संथाल परगना से जोड़ने वाली मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन सड़क के निर्माण कार्य पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. अभी इस सड़क पर पूरी तरह गाड़ियों का आना-जाना शुरू भी नहीं हुआ है कि घोरघट और गनगनिया के बीच सड़क में बड़ी दरार आ गई है. इतना ही नहीं, सड़क के किनारे की मिट्टी भी लगातार नीचे खिसक रही है, जिससे इस प्रोजेक्ट की मजबूती और सुरक्षा को लेकर लोग चिंता में हैं.
मिट्टी खिसकने से आई दरार, हादसे का डर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क के जिस हिस्से में दरार आई है, वहां पिछले कुछ दिनों से मिट्टी धंसने की समस्या हो रही थी. धीरे-धीरे यह खराबी सड़क की ऊपरी सतह तक पहुंच गई और सड़क बीच से फट गई.
लोगों का कहना है कि अगर इस दरार को तुरंत ठीक नहीं किया गया, तो भारी ट्रकों और गाड़ियों के चलने से सड़क पूरी तरह टूट सकती है, जिससे बड़ा हादसा होने का डर है. तकनीकी जानकारों का मानना है कि सड़क की नींव और बेस मजबूत न होने की वजह से ऐसा हुआ है.
3792 करोड़ का है यह पूरा प्रोजेक्ट
यह कोई छोटी-मोटी सड़क नहीं, बल्कि ₹3,792 करोड़ की भारी-भरकम लागत से बन रहा एक बेहद जरूरी प्रोजेक्ट है. इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी ऐसी लापरवाही दिखने पर जनता में गुस्सा है.
लोगों ने मांग की है कि अधिकारी सिर्फ ऊपर से दरार को न भरें, बल्कि इस पूरे हिस्से की वैज्ञानिक जांच कराएं ताकि पता चल सके कि ठेकेदार ने कहां गड़बड़ी की है. लोगों का कहना है कि इस फोरलेन के काम की लगातार चेकिंग होनी चाहिए ताकि आगे यह सड़क सुरक्षित रहे.
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एनएचएआई डायरेक्टर ने दिए कड़े निर्देश
मामला बढ़ने पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनीष कुमार ने खुद मौके पर जाकर जांच की है. उन्होंने बताया कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि अंदर की मिट्टी खिसकने की वजह से सड़क फटी है.
उन्होंने काम करने वाली एजेंसी को सख्त आदेश दिया है कि इसकी पूरी तकनीकी जांच की जाए. डायरेक्टर ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सड़क के उस पूरे हिस्से (पैनल) को उखाड़कर दोबारा नए सिरे से और नियमों के मुताबिक बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में कभी ऐसी दिक्कत न आए.
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