Coronavirus : सता रहा लॉकडाउन का डर, परदेस से फिर गठरी-पोटली बांध घर लौट रहे लोग

कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने लोगों को काम-काज छोड़ने पर मजबूर कर दिया है. लॉकडाउन लगने के भय से लोग दूसरे प्रदेशों में अपना कारोबार छोड़ कर वापस अपने परिवार के बीच पहुंचने के आतुर हैं. कटिहार के मनीष कुमार दो माह पहले ही पुणे गये थे. लेकिन, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वापस आ गये हैं. पटना जंक्शन पर जांच में वह निगेटिव पाये गये.

पटना. कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने लोगों को काम-काज छोड़ने पर मजबूर कर दिया है. लॉकडाउन लगने के भय से लोग दूसरे प्रदेशों में अपना कारोबार छोड़ कर वापस अपने परिवार के बीच पहुंचने के आतुर हैं. कटिहार के मनीष कुमार दो माह पहले ही पुणे गये थे. लेकिन, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वापस आ गये हैं. पटना जंक्शन पर जांच में वह निगेटिव पाये गये.

दिल्ली में काम कर रहे सिमरिया का रहनेवाला परिवार गठरी-पोटली बांध कर पटना जंक्शन पहुंचा. गरमी से बेहाल परिवार के लोगों ने बताया कि छह माह पहले दिल्ली गये थे. पिछले साल घर वापसी में होनेवाले परेशानी को लेकर लॉकडाउन लगने से पहले घर लौटना मजबूरी हो गयी. मंगलवार को सोलापुर-भागलपुर ट्रेन से लगभग 28 की संख्या में यात्री पटना जंक्शन पहुंचे. अधिकांश यात्री पुणे से आये थे. सभी यात्रियों की कोरोना जांच हुई.

कटिहार के मनीष कुमार ने बताया कि मोटर पार्ट्स की फैक्टरी में काम करते हैं. दो माह पहले ही गये थे. कोरोना अधिक होने के कारण वहां रात में कर्फ्यू जैसी स्थिति थी. लॉकडाउन लगने की आशंका को लेकर काम छोड़ कर आ गये हैं. यहां से अपने घर चले जायेंगे. मकबूल को पुणे गये छह माह हुआ था. वहां रेलवे ठीकेदार के साथ स्क्रैप में काम करता है.

बताया कि काम बंद होने लगा. ठेकेदार ने कहा कि अभी घर चले जाओ. बाद में आना. एक माह का वेतन भी नहीं दिया. हाबिल भी कोरोना की मजबूरी के कारण काम-काज छोड़ कर आया. चेहरे पर काम छूटने की परेशानी दिख रही थी. घर से बुलावा आने पर आये हैं. जांच में दोनों कोरोना निगेटिव पाये गये.

जांच में पॉजिटिव मिले

पुणे से आनेवाले यात्रियों में गोपालगंज के रहनेवाले सुरेश (काल्पनिक नाम) ने बताया कि ट्रेन में बुखार लगा था. अभी नहीं है. यहां जांच में पाॅजिटिव पाये गये हैं. वहां फेब्रिकेशन का काम करते हैं. चार माह पहले गये थे. अभी कमा कर कुछ जमा भी नहीं कर पाये कि घर वापस आना पड़ रहा है. जांच में पॉजिटिव आये पूर्वी चंपारण के रहनेवाले श्याम कुमार (काल्पनिक नाम) के चेहरे पर इस बात को लेकर तनाव था कि अब कहां पर इलाज होगा. पुणे में वह लूम फैक्टरी में काम करता था.

छूट गया काम-धाम

दोपहर सवा एक बजे मगध एक्सप्रेस के पटना जंक्शन पहुंचने पर दिल्ली से बड़ी संख्या में यात्री लौट रहे हैं. साधारण परिवार के सभी यात्री गठरी व पोटली लेकर बाहर निकले. लोगों के चेहरे पर परेशानी झलक रही थी. बेगूसराय जिला के सिमरिया के रहने वाले दासो महतो ने बताया कि राज मिस्त्री का काम करते हैं. कोरोना के बढ़ने से काम छुटने लगा. इस वजह से परिवार के साथ वापस चले आये हैं.

मुंबई, दिल्ली से रोजाना पहुंच रहे हजारों यात्री

महाराष्ट्र, दिल्ली व आसपास के राज्यों में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर प्रवासियों का आना शुरू हो गया है. रोजाना हजारों यात्री पहुंच रहे हैं. इसमें पटना जंक्शन सहित दानापुर, पाटलिपुत्र व राजेंद्र नगर टर्मिनल पहुंच कर यात्री उत्तर बिहार जा रहे हैं. जानकारों के अनुसार चार स्टेशनों पर लगभग एक हजार से अधिक यात्री पहुंच रहे हैं. इसमें सबसे अधिक कुर्ला-पटना से लगभग चार सौ से साढ़े चार सौ यात्री आते हैं.

पुणे से दानापुर आनेवाली ट्रेनों में लगभग 400, लोकमान्य तिलक टर्मिनल से पाटलिपुत्र स्टेशन पर लगभग साढ़े तीन सौ यात्री पहुंच रहे हैं. इसके अलावा इन स्टेशनों से मुंबई से आनेवाली दूसरे राज्यों को जानेवाली ट्रेनों से भी लगभग 50 से 60 यात्री उतरते हैं. मुंबई से आनेवाले यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेन के अलावा विशेष स्पेशल ट्रेन अलग-अलग तिथियों में चलायी जा रही है.

Posted by Ashish Jha

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By Prabhat khabar news desk

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