Corona Case: देश के छह राज्यों से बिहार आने वाले लोगों पर विशेष नजर, स्वास्थ्य विभाग करायेगा कोरोना जांच

Bihar Corona Case: प्रधान सचिव ने प्रदेश के सभी कंट्रोल रूम को फिर से चालू करने को कहा है. इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ग्रामीण इलाकों में जांच केंद्र बनाएं जाने का भी निर्देश दिया है. इसके साथ ही सीएचसी व पीएचसी प्रभारी को अलर्ट रहने को कहा है.

पटना. देशभर में फिर एक बार कोरोना संक्रमण बढ़ने लगा है. इसे देखते हुए दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, कनार्टक, मध्य प्रदेश और बेंगलुरु से बिहार आने वाले यात्रियों पर स्वस्थ्य विभाग विशेष नजर रख रहा है. इन छह राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना जांच स्वास्थ्य विभाग कराएगा. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने दिशा निर्देश भी जारी कर दिया है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य के सभी सिविल सर्जन से कहा कि दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, कनार्टक, मध्य प्रदेश और बेंगलुरु में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसलिए इन छह राज्यों से आने वालों की जांच करें. उन्होंने प्रदेश के सभी कंट्रोल रूम को फिर से चालू करने को कहा है. इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ग्रामीण इलाकों में जांच केंद्र बनाएं जाने का भी निर्देश दिया है. इसके साथ ही सीएचसी व पीएचसी प्रभारी को अलर्ट रहने को कहा है.

सभी जिलों में कोरोना जांच फिर से शुरू

कई राज्यों में कोरोना के बढ़ रहे मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 12 सीएचसी, चार पीएचसी समेत शहरी क्षेत्र के चार सीएचसी को रोज पांच सौ संदिग्धों की कोरोना जांच करने का निर्देश दिया है. साथ ही रेलवे स्टेशन पर, सरकारी बस पड़ाव व निजी बस पड़ाव पर बने केंद्र को भी अधिक से अधिक संदिग्धों की जांच करने को कहा है. वहीं, आशा व आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका को अपने-अपने क्षेत्र में इन राज्यों से लौटने वाले लोगों की सूचना देने को कहा गया है.

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टीका का लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले छह पीएचसी प्रभारियों से स्पष्टीकरण

सूचना पर टीम घर जाकर आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लेगी. पॉजिटिव आने पर पूरे घर के लोगों को होम कोरेंटिन कर दिया जायेगा. अगर दो घर में पॉजिटिव केस मिलते हैं, तो पूरे इलाके को और दो केस से अधिक घरों में पॉजिटिव मामले मिलने पर जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है. सभी निजी व सरकारी अस्पतालों को मास्क, सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करने के लिए कहा गया है. इधर, मुजफ्फरपुर में कोरोना टीकाकरण में रुचि नहीं लेने वाले छह प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी से सिविल सर्जन ने स्पष्टीकरण मांगा है. उन्होंने कहा है कि सरैया, गायघाट, कुढ़नी, कटरा, मोतीपुर और औराई के चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा दो दिनों देने पर वेतन रोक दी जायेगी. इन सभी अधिकारियों पर कोरोना टीका की डोज नहीं लेने वालों को प्रेरित नहीं करने का आरोप है.

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