EX DGP Murder: 9 मई को बगहा आने वाले थे ओमप्रकाश गुप्ता, दोस्त ने बताया- यारों के यार थे पूर्व डीजीपी

EX DGP Murder: पश्चिम चंपारण के बगहा के पिपरासी प्रखंड के परसौना गांव के निवासी और कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओमप्रकाश गुप्ता का बेंगलूर में संपति को लेकर पत्नी और परिजनों ने चाकू से गोद कर निर्मम हत्या कर दी. उनके निधन पर दोस्त ने बताया कि वो यारों के यार थे.

EX DGP Murder, चंद्रप्रकाश आर्य: पश्चिम चंपारण जिला के बगहा नगर के शास्त्री नगर निवासी व कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओमप्रकाश गुप्ता अगामी 9 मई 2025 को बेंगलुरु से अपने पैतृक गृह आवास बगहा आने की तैयारी में थे क्योंकि पैतृक गांव और बगहा से उनका बड़ा लगाव था. उनके बचपन के मित्र डॉ. सुरेश प्रसाद यादव ने रोते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति बगहा और पिपरासी परसौना क्षेत्र से कर्नाटक में पहुंचकर यह कहता था कि मैं बिहार से आया हूं और मेरा यह कार्य है तो वह उसकी मदद जरुर करते थे. इस घटना के बाद बगहा समेत बिहार को एक बड़ी क्षति हुई है.

पूर्व डीजीपी का घर

क्या बोले यादव

सुरेश प्रसाद यादव ने बताया कि हम दोनों मित्र दियारे के पिपरासी में रहकर एक साथ पढ़ाई की थी और तभी से दोनों के बीच गहरा लगाव था . हमारे चाचा पूर्व धनहा विधायक दिवंगत रामनगीना प्रसाद से शिक्षा की प्रेरणा मिली थी . चाचा BHU बनारस यूनिवर्सिटी से डबल MA की उपाधि हासिल किए थे और ओमप्रकाश के पिता दिवंगत शिवपूजन प्रसाद गुप्ता और मेरे चाचा जिगरी दोस्त थे और एक साथ नौकरी में योगदान किया था . ओमप्रकाश के पिताजी एलआईसी में प्रधान लिपिक थे और मेरे चाचा मुजफ्फरपुर के पारू ब्लॉक में तैनात थे. चाचा नौकरी  त्याग कर राजनीति में आ गए और यहां भी उन्होंने हम लोगों की खूब मदद की.

परिवार के साथ पूर्व डीजीपी

कैसे इंसान थे गुप्ता

डॉ. यादव ने बताया कि एक बार मेरे बेटे का एक्सीडेंट हो गया था, उस समय ओम प्रकाश गुप्ता एडीजी के पद पर थे . उन्होंने तीन दिनों तक अस्पताल में रहकर बेटे की देखभाल में मदद की. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने नेक और शरीफ इंसान थे . उन्होंने बताया कि पिपरासी में दोनों के घर आस-पास ही था बाद में बगहा में गंडक नदी के कटाव के कारण दोनों परिवार विस्थापित हो गए और बगहा के शास्त्री नगर में भी हम दोनों पड़ोसी हैं.

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शिक्षा में अव्वल

ओम प्रकाश गुप्ता शिक्षा में शुरू से ही अवल रहे और वे प्लस टू की पढ़ाई नेतरहाट से की थी वहां कुल 60 सीटें थीं और उनका नाम पहले ही लिस्ट में आ गया था. छुट्टी के दिनों में जब पैतृक गांव पिपरासी और बगहा आते थे तो घर, समाज और बिहार की बातें करते थे. बिहार के लोगों से उन्हें गहरा लगाव था और वे हर संभव मदद करने को तैयार रहते थे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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