Bihar News: भारत-नेपाल सीमा से एक बड़ी कामयाबी की खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने जाली नोटों के नेटवर्क पर करारा वार किया है. इस कार्रवाई ने न सिर्फ स्थानीय स्तर पर सक्रिय गिरोह को बेनकाब किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी आशंका बढ़ा दी है. पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज-सिकटा इलाके में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग नेपाल की तरफ से सामान लेकर आ रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने तुरंत एक टीम बनाकर कंगली थाना क्षेत्र के भेड़िहरवा इलाके में घेराबंदी कर दी. जैसे ही बाइक सवार संदिग्ध वहां पहुंचे, पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन पीछा कर दो आरोपियों को पकड़ लिया गया, जबकि एक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया.
जाली नोट छापने वाला पेपर बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्वी चंपारण के सुखलहिया गांव निवासी ज्वाला सिंह और सचिन कुमार के रूप में हुई है. तलाशी के दौरान ज्वाला सिंह के पास से लोडेड देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ. वहीं, उनके बैग से पहली बार ऐसा संदिग्ध ‘स्पेशल पेपर’ मिला है, जिसका इस्तेमाल जाली नोट छापने में किया जाता है. पुलिस ने मौके से उनकी बाइक भी जब्त कर ली है. अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह सिर्फ नकली नोट सप्लाई ही नहीं, बल्कि उन्हें तैयार करने में भी शामिल हो सकता है.
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और अब इस नेटवर्क के नेपाल और पाकिस्तान कनेक्शन की भी जांच की जा रही है. एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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