राजद के पूर्व जिलाध्यक्ष अब्बास अहमद के भाई नेशार अहमद की हत्या कर लाश गायब करने के मामले में आया फैसला
10 अप्रैल, 2004 को की गयी थी नेशार अहमद की हत्या
बेतिया : नेशार अहमद हत्याकांड मामले में प्रथम जिला जज जितेंद्र दूबे के कोर्ट ने आरोपित चार भाइयों समेत छह को हत्या कर लाश छिपाने के मामले में दोषी माना है. न्यायाधीश ने मामले में दोषी मंझरिया गांव के रोहित चौधरी, नरेश चौधरी, अखिलेश चौधरी व राजेश चौधरी के साथ गजाधर चौधरी व पहवारी चौधरी को आजीवन कारावास व 35-35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी है. नेशार राजद के
नेशार अहमद हत्याकांड
पूर्व जिलाध्यक्ष सह जदयू नेता अब्बास अहमद के भाई थे. उनकी हत्या का यह मामलाकाफी चर्चित हुआ था.
अपर लोक अभियोजक कृष्ण दयाल चौधरी ने बताया कि मामला 10 अप्रैल, 2004 का है. शिकारपुर थाने के महुअवा गांव के रहनेवाले नेशार अहमद रात में आठ बजे अपने खलिहान से गेहूं की दौनी करा कर वापस घर आ रहे थे. रास्ते में ही आरोपितों ने मिल कर नेशार अहमद की हत्या कर दी. लाश को कहीं छिपा दिया. नेशार अहमद के भाई अवसार अहमद ने शिकारपुर थाने में इसकी प्राथमिकी दर्ज करायी. अनुसंधान के क्रम में पाया गया कि आरोपितों ने हत्या से पहले नेशार अहमद को धमकी दी थी. आरोपितों ने बटाई में खेत नहीं देने पर जान से मारने की बात कही थी. पुलिस ने इस मामले में रोहित समेत सभी छह आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया. बुधवार को इसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए कोर्ट ने उक्त सजा का फैसला सुनाया.
